ACP पर जातिगत टिप्पणी मामला: गिरफ्तारी से बचने के लिए महिला पत्रकार पहुंची दिल्ली हाई कोर्ट

Kittu Kumari15 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
ACP पर जातिगत टिप्पणी मामला: गिरफ्तारी से बचने के लिए महिला पत्रकार पहुंची दिल्ली हाई कोर्ट

दिल्ली की एक महिला पत्रकार ने खुद को गिरफ्तारी से बचाने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। यह मामला एक सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर से जुड़ा है, जिसमें पत्रकार पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने और सरकारी काम में बाधा डालने का आरोप लगाया गया है। कोर्ट ने इस याचिका पर गुरुवार को तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया, लेकिन शुक्रवार को मामले की सुनवाई करने पर सहमति जताई है।

यह पूरा विवाद 3 अक्टूबर को बूटा सिंह राउंडअबाउट पर हुए एक विरोध प्रदर्शन के दौरान शुरू हुआ। यह प्रदर्शन भारतीय चुनाव आयोग के खिलाफ था, जहां कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस तैनात थी। इसी दौरान कनॉट प्लेस सब-डिवीजन में तैनात ACP विवेक भगत का आरोप है कि एक महिला पत्रकार ने उनकी जातिगत पहचान को लेकर अपमानजनक टिप्पणियां कीं और उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश की।

दोनों पक्षों के गंभीर आरोप और कानूनी कार्रवाई

DelhiBreakings की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel

पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर के मुताबिक, ACP विवेक भगत ने शिकायत की है कि वह अनुसूचित जाति (SC) समुदाय से आते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ड्यूटी के दौरान पत्रकार ने उनकी नेमप्लेट देखी और उनकी जाति व ACP पद पर नियुक्ति को लेकर बेहद आपत्तिजनक बातें कहीं। इस मामले में पत्रकार 'रोजी', गजेंद्र और एक अज्ञात व्यक्ति को आरोपी बनाया गया है।

हैरानी की बात यह है कि इस मामले में दोनों पक्षों के आरोप एक-दूसरे के बिल्कुल विपरीत हैं। जहां पुलिस अधिकारी ने जातिगत अपमान का दावा किया है, वहीं संबंधित महिला पत्रकार ने ACP विवेक भगत पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं।

पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के साथ-साथ SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। अब यह मामला दिल्ली हाई कोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस नितिन वासुदेव साम्ब्रे और जस्टिस संजय शर्मा की बेंच के सामने है, जो शुक्रवार को इस पर सुनवाई करेगी।

Share:

Comments

Leave a comment