राहुल गांधी पर महिला पत्रकार का गंभीर आरोप, सुप्रीम कोर्ट मार्च के दौरान धक्का देने का दावा

दिल्ली में विपक्षी गठबंधन INDIA द्वारा सुप्रीम कोर्ट की ओर निकाले गए मार्च के दौरान एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। एक वीडियो पत्रकार और एंकर ऋचा पाराशर ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर उनके साथ बदसलूकी और हमले का गंभीर आरोप लगाया है। ऋचा का दावा है कि इस अफरा-तफरी के बीच राहुल गांधी ने उन्हें कंधे से पकड़कर खींचा, जिससे वह जमीन पर गिर गईं।
पीड़ित पत्रकार ने बताया कि वह गर्भवती हैं और इस घटना की वजह से उन्हें काफी चोटें आई हैं। उनके मुताबिक, गिरने के कारण उनकी गर्दन और हाथ में चोट लगी है और पूरे शरीर में दर्द है, जिसके चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। इस घटना के बाद से राजनीतिक गलियारों में हंगामा मच गया है और भाजपा ने इसे कड़े शब्दों में निंदा किया है।
भाजपा ने साधा निशाना, कांग्रेस की चुप्पी
भारतीय जनता पार्टी ने इस घटना को लेकर राहुल गांधी के आचरण पर सवाल उठाए हैं। भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी का आरोप है कि राहुल गांधी ने पत्रकार को अपनी कोहनी से धक्का दिया और उन्हें नीचे गिराया। दिल्ली भाजपा के उपाध्यक्ष राजेश भाटिया ने ऋचा की बहन से जानकारी मिलने के बाद अस्पताल जाकर उनसे मुलाकात की और घटना की गंभीरता पर चिंता जताई।
इतना ही नहीं, भाजपा विधायक उमंग बजाज ने दावा किया कि राहुल गांधी उस समय काफी आक्रामक व्यवहार कर रहे थे और उन्होंने न केवल पत्रकार, बल्कि एक पार्टी कार्यकर्ता और कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को भी धक्का दिया।
दूसरी ओर, सोशल मीडिया पर इस घटना के कुछ वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें भीड़ के बीच ऋचा को गिरते हुए देखा जा सकता है। कुछ वीडियो में राहुल गांधी को जगह बनाने का इशारा करते हुए भी दिखाया गया है। हालांकि, कांग्रेस पार्टी की ओर से अब तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। कांग्रेस समर्थकों का कहना है कि यह राहुल गांधी की छवि खराब करने की एक सोची-समझी साजिश है और जानबूझकर चोट पहुँचाने का कोई ठोस सबूत नहीं है।