JNU का बड़ा फैसला: प्रोफेसर अमिताभ मट्टू को मिलेगा 'प्रोफेसर एमेरिटस' का सम्मान
जेएनयू ने प्रोफेसर अमिताभ मट्टू को प्रोफेसर एमेरिटस का खिताब देने की मंजूरी दी है। जानें उनके करियर और इस सम्मान की खासियत।

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) ने अपने एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद को बड़ा सम्मान देने का निर्णय लिया है। विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद ने प्रोफेसर अमिताभ मट्टू को 'प्रोफेसर एमेरिटस' की उपाधि देने के प्रस्ताव को औपचारिक रूप से मंजूरी दे दी है। यह फैसला स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज के प्रोफेसर राजेश राजगोपालन की सिफारिश के बाद लिया गया है।
प्रोफेसर अमिताभ मट्टू वर्तमान में जेएनयू के स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज के डीन हैं। यह खास सम्मान उन्हें उनके स्वेच्छा सेवानिवृत्ति (VRS) के बाद मिलेगा, जो 28 फरवरी 2027 को निर्धारित है। पद्म श्री से सम्मानित प्रोफेसर मट्टू न केवल एक जाने-माने शिक्षाविद हैं, बल्कि वे जम्मू विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति भी रह चुके हैं।
अकादमिक जगत में ऊंचा कद और जेएनयू से जुड़ाव
इस सम्मान पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रोफेसर मट्टू ने विश्वविद्यालय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने जेएनयू को अपना "बौद्धिक घर" (Intellectual Home) बताया और कहा कि रिटायरमेंट के बाद भी वे संस्थान के साथ गहराई से जुड़े रहेंगे।
जेएनयू के नियमों के मुताबिक, यह उपाधि केवल उन विद्वानों को दी जाती है जिनका राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ा कद हो। इसके लिए विश्वविद्यालय में कम से कम 15 वर्षों तक प्रोफेसर के रूप में सेवा देना और संस्थान के विकास में विशिष्ट योगदान देना अनिवार्य होता है।
प्रोफेसर मट्टू अब जेएनयू के उन चुनिंदा विद्वानों की सूची में शामिल हो जाएंगे जिनके पास यह खिताब है। वर्तमान में विश्वविद्यालय में केवल 16 लोग प्रोफेसर एमेरिटस हैं, जिनमें रोमिला थापर, प्रभात पटनायक, ज़ोया हसन, असिस दत्ता और एच.एस. गिल जैसे दिग्गज नाम शामिल हैं।