JNU यौन उत्पीड़न मामला: कांग्रेस सांसद अकोईजाम के घर पुलिस ने चिपकाया नोटिस, जांच में शामिल होने का आदेश

जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों में घिरे कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोईजाम की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। दिल्ली पुलिस ने इस मामले की जांच के सिलसिले में सांसद के दिल्ली स्थित आवास पर एक औपचारिक नोटिस चिपकाया है। वसंत कुंज नॉर्थ पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने यह कदम उठाया है, जिसमें सांसद को भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत चल रही जांच में शामिल होने का निर्देश दिया गया है।
बता दें कि अकोईजाम JNU के स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज में सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ सोशल सिस्टम्स से प्रोफेसर थे। उन पर यूनिवर्सिटी की 11 छात्राओं ने यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए JNU की आंतरिक समिति ने POSH फ्रेमवर्क के तहत जांच की और कड़ी सजा की सिफारिश की, जिसके बाद 9 अक्टूबर को यूनिवर्सिटी ने उन्हें तत्काल प्रभाव से नौकरी से बर्खास्त कर दिया।
राजनीतिक घमासान और NCW की एंट्री
इस मामले ने अब राजनीतिक मोड़ ले लिया है। भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद रूप कुमारी चौधरी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की अध्यक्ष विजया के. रहाटकर से मुलाकात की। उन्होंने छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और सांसद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए एक ज्ञापन सौंपा। रूप कुमारी चौधरी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी अपने प्रभावशाली नेता को बचाने की कोशिश कर रही है और नियमों के मुताबिक उन्हें पार्टी से बाहर नहीं किया गया है।
दूसरी ओर, कांग्रेस सांसद अकोईजाम ने यूनिवर्सिटी प्रशासन पर प्रक्रियात्मक खामियों और गोपनीयता के नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि उन्हें जांच रिपोर्ट की कॉपी नहीं दी गई, जिससे उनके अपील करने के अधिकार का हनन हुआ है।
कानूनी कार्रवाई की बात करें तो, JNU के मुख्य सुरक्षा अधिकारी की शिकायत पर 11 अक्टूबर को वसंत कुंज नॉर्थ पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई थी। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। भाजपा नेताओं ने इस मामले को राष्ट्रपति भवन तक भी पहुँचाया है, जहाँ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भी एक ज्ञापन सौंपा गया है।