JNU ने उमर खालिद की किताब पर चर्चा रद्द की, कार्यक्रम की पूरी जानकारी न देने का दिया हवाला

Jawaharlal Nehru University (JNU) ने पूर्व छात्र Umar Khalid की नई किताब "Fractured Communities: Adivasi Histories and the Politics of Power" पर 10 अगस्त 2026 को होने वाली तय चर्चा को रद्द कर दिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने 9 अगस्त 2026 को रद्दीकरण का नोटिस जारी किया, जिसमें आयोजकों द्वारा "कार्यक्रम के बारे में पूरी जानकारी न देने" (non-disclosure) का कारण बताया गया है। यह कार्यक्रम कैंपस के SSS-1 ऑडिटोरियम में होना था, जो International Day of the World's Indigenous Peoples के दिन आयोजित किया जाना था।
कार्यक्रम की अनुमति और नियम
इस कार्यक्रम का आयोजन JNU के Centre for Informal Sector and Labour Studies के डॉ. अविनाश कुमार और Jawaharlal Nehru University Students' Union (JNUSU) द्वारा किया गया था। ऑडिटोरियम बुकिंग के लिए 7 अगस्त 2026 को शुरुआती अनुमति मिल गई थी, जिस पर Dean of Social Sciences के हस्ताक्षर थे। JNU ने खुद को एक लोकतांत्रिक और विकेंद्रीकृत संस्थान बताते हुए कहा कि अप्रैल 2026 में अपडेट किए गए नियमों के तहत पूरी जानकारी देना अनिवार्य है, जिसके पालन में डीन ने बाद में रद्दीकरण को मंजूरी दी। किताब के लेखक Umar Khalid सितंबर 2020 से 2020 Northeast Delhi riots case के सिलसिले में हिरासत में हैं।
वक्ता और वैकल्पिक आयोजन स्थल
इस चर्चा में Prof. Prabhu Mohapatra, Prof. Uma Chakravarti, लेखक Shuddhabrata Sengupta, एक्टिविस्ट Harsh Mander और उमर खालिद की पार्टनर Banojyotsna Lahiri जैसे प्रमुख वक्ता शामिल होने वाले थे। रद्द होने के बाद JNUSU ने घोषणा की है कि पुस्तक चर्चा विश्वविद्यालय के SSS-I ऑडिटोरियम के बजाय किसी अन्य वैकल्पिक स्थान पर आयोजित की जाएगी। यह घटना 7 अगस्त 2026 को हुई एक अन्य रद्दीकरण के बाद सामने आई है, जिसमें धार्मिक संगठनों द्वारा कैंपस सुविधाओं के इस्तेमाल को लेकर हुए छात्र विरोध के बाद ISKCON का एक कार्यक्रम रद्द कर दिया गया था।