नई दिल्ली में 17वीं पेंशन अदालत की अध्यक्षता करेंगे केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह

केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह 5 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में 17वीं पेंशन अदालत की अध्यक्षता करेंगे। यह कार्यक्रम भारतीय लोक प्रशासन संस्थान (IIPA) के टी. एन. चतुर्वेदी मेमोरियल हॉल में आयोजित किया जाएगा। पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoPPW) द्वारा आयोजित इस पहल का मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार के पेंशनभोगियों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान करना है, ताकि उन्हें दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।
इस बार की पेंशन अदालत एक खास थीम पर आधारित है, जिसमें CPENGRAMS पोर्टल के माध्यम से सुपर-सीनियर और पारिवारिक पेंशनभोगियों द्वारा दर्ज कराई गई 897 शिकायतों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। ये मामले 24 अलग-अलग मंत्रालयों और विभागों से जुड़े हुए हैं। इस प्रक्रिया को पारदर्शी और सुलभ बनाने के लिए हाइब्रिड मोड अपनाया गया है, जिससे पेंशनभोगी और उनके परिवार व्यक्तिगत रूप से या ऑनलाइन जुड़कर बैंकिंग अधिकारियों और विभागीय अधिकारियों से सीधा संवाद कर सकेंगे।
पेंशन प्रशासन में तकनीक और सम्मान का संगम
साल 2017 में शुरू हुई पेंशन अदालत की सफलता दर काफी प्रभावशाली रही है। अब तक के 16 संस्करणों में कुल 28,797 शिकायतों में से 20,676 का सफलतापूर्वक निपटारा किया जा चुका है, जो करीब 71.79% की सफलता दर दर्शाता है।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने पेंशनभोगियों को राष्ट्र के लिए एक मूल्यवान संसाधन बताया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकार ने पेंशन प्रशासन के पुराने ढर्रे को बदलकर अब इसे तकनीक-आधारित और नागरिक-केंद्रित मॉडल में तब्दील कर दिया है। इस बदलाव का मुख्य लक्ष्य पेंशनभोगियों के जीवन में गरिमा लाना और उनके लिए प्रशासनिक प्रक्रियाओं को आसान बनाना है।