जींद: पराली पर प्रशासन की पैनी नजर, पैलेट प्लांट से खेतों तक पहुंची संयुक्त टीम

वायु प्रदूषण को रोकने और पराली प्रबंधन को पुख्ता करने के लिए प्रशासन अब एक्शन मोड में नजर आ रहा है। जींद के जुलाना क्षेत्र में कृषि विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की संयुक्त टीमों ने मोर्चा संभाल लिया है। इन टीमों ने गांव अनूपगढ़ और किलाजफरगढ़ के खेतों का दौरा कर यह देखा कि फसल अवशेषों का निपटारा किस तरह किया जा रहा है और क्या किसान पराली जलाने के बजाय उसके उचित प्रबंधन के तरीकों को अपना रहे हैं।
पैलेट प्लांट में बायोमास निर्माण की जांच
निरीक्षण के दौरान टीम खास तौर पर अनूपगढ़ स्थित 'एनसीआर क्लीन अर्थ सोल्यूशन' पैलेट प्लांट पहुंची। यहां अधिकारियों ने देखा कि खेतों से इकट्ठा की गई पराली से बायोमास पैलेट कैसे तैयार किए जा रहे हैं। डीडीए कृषि सुखदेव कम्बोज ने बताया कि टीम ने प्लांट में रखे पराली के स्टॉक और उसके भंडारण के तरीकों की बारीकी से जांच की। अधिकारियों ने प्लांट प्रबंधन को सख्त निर्देश दिए कि पराली का भंडारण नियमों के मुताबिक सुरक्षित तरीके से किया जाए और सभी पर्यावरणीय मानकों का पूरी तरह पालन हो।
प्रशासन ने इस बात पर जोर दिया कि अगर कृषि अवशेषों को जलाने के बजाय उनका उपयोग बायोमास के रूप में किया जाए, तो पराली जलाने की घटनाओं को प्रभावी ढंग से रोका जा सकता है।
पैलेट प्लांट के बाद टीम किलाजफरगढ़ के ग्रामीण इलाकों में पहुंची, जहां उन्होंने जमीनी स्तर पर पराली के उठान की स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वे किसानों के साथ लगातार संपर्क में रहें ताकि खेतों से पराली समय पर उठाई जा सके और उसका सही प्रबंधन सुनिश्चित हो, जिससे पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे।