झारखंड की नाबालिग लड़की छह साल बाद दिल्ली से रेस्क्यू, जबरन शादी और शारीरिक शोषण का खुलासा

Kittu Kumari3 August 20262 min read42 viewsNational
झारखंड की नाबालिग लड़की छह साल बाद दिल्ली से रेस्क्यू, जबरन शादी और शारीरिक शोषण का खुलासा

दिल्ली में 3 अगस्त 2026 को छह साल पहले तस्करी कर लाई गई झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले की एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़की को सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया गया है। इस नाबालिग को एक लाख रुपये में बेचा गया था और तस्करों द्वारा उसके आधार कार्ड में जन्मतिथि बदलकर उसे बालिग दिखाने के बाद जबरन शादी कराई गई थी।

इस रेस्क्यू ऑपरेशन को चाईबासा पुलिस, दिल्ली पुलिस, मिशन मुक्ति फाउंडेशन और एक स्पेशल रेस्क्यू टीम ने मिलकर अंजाम दिया, जिसमें नई दिल्ली स्थित झारखंड भवन के इंटीग्रेटेड रिहैबिलिटेशन कम रिसोर्स सेंटर (IRRC) का सहयोग रहा। काउंसलिंग से पता चला कि लड़की को झारखंड से बहला-फुसलाकर लाया गया, दिल्ली में घरेलू काम कराया गया, मुंबई भेजा गया और फिर बेचने के बाद उसकी मर्जी के खिलाफ शादी कर दी गई, जिससे उसने छह साल तक गंभीर मानसिक और शारीरिक शोषण झेला। दिल्ली के रोहिणी के राम विहार में काम कर रही एक प्लेसमेंट एजेंसी की इस संगठित अपराध नेटवर्क में संलिप्तता की आशंका के चलते शुरुआती जांच चल रही है।

झारखंड सरकार की जीरो-टॉलरेंस पॉलिसी और आगे की कार्रवाई

झारखंड सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव उमाशंकर सिंह के अनुसार, विभाग मानव तस्करी के मामलों को लेकर 'जीरो-टॉलरेंस पॉलिसी' पर काम करता है (Source)। यह पूरा रेस्क्यू ऑपरेशन झारखंड भवन के रेजिडेंट कमिश्नर अड़वा राजकमल के निर्देशन में चलाया गया, जिसमें तस्करी पीड़ितों की सुरक्षा और पुनर्वास में IRRC की महत्वपूर्ण भूमिका सामने आई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ऐसे मामलों पर तुरंत कार्रवाई करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं, और रेस्क्यू किए गए बच्चों को लगातार निगरानी के लिए कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा। यह रेस्क्यू 1 अगस्त 2026 को हुए एक अन्य संयुक्त ऑपरेशन के बाद हुआ है, जिसमें दिल्ली में एक वांछित महिला मानव तस्कर को गिरफ्तार किया गया था और खूंटी जिले की एक नाबालिग लड़की को भी बचाया गया था।

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