झंडेवालान मंदिर में शारदीय नवरात्रि की धूम, बंसुरी स्वराज ने की विशेष पूजा

दिल्ली के प्रसिद्ध झंडेवालान मंदिर में शारदीय नवरात्रि के पहले दिन श्रद्धा और भक्ति का सैलाब उमड़ पड़ा। रविवार को मंदिर में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें देखी गईं, जो माता के दर्शन के लिए उत्सुक थे। इस पावन अवसर पर भाजपा सांसद बंसुरी स्वराज ने भी मंदिर पहुंचकर माता के दर्शन किए और विशेष श्रृंगार आरती में शिरकत की।
आरती के बाद बंसुरी स्वराज ने सभी को शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें झंडेवालान मंदिर में श्रृंगार आरती का हिस्सा बनने का सौभाग्य मिला। उन्होंने प्रार्थना की कि दिव्य माता का आशीर्वाद सभी भक्तों और पूरे राष्ट्र पर बना रहे, ताकि देश में सुख-शांति और समृद्धि आए।
नवरात्रि का महत्व और परंपराएं
शारदीय नवरात्रि हिंदू धर्म का एक अत्यंत पवित्र उत्सव है, जो नौ रातों तक चलता है। यह पर्व देवी दुर्गा की दिव्य शक्ति का प्रतीक है। अश्विन मास में मनाया जाने वाला यह त्योहार भक्ति, उपवास और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए जाना जाता है। इन नौ दिनों में माता के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है, जो शक्ति, करुणा और ज्ञान का प्रतिनिधित्व करते हैं।
इस मौके पर लोग न केवल व्रत रखते हैं, बल्कि भजन-कीर्तन और गरबा-डांडिया जैसे पारंपरिक नृत्यों के जरिए अपनी खुशी जाहिर करते हैं। वहीं, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी प्रदेशवासियों को नवरात्रि की बधाई देते हुए कन्या पूजन की परंपरा पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह त्योहार समाज में महिलाओं के सम्मान और महत्व को दर्शाता है।
नवरात्रि के दौरान सातवें दिन 'माँ कालरात्रि' की पूजा का विशेष महत्व होता है। उन्हें दुष्ट शक्तियों और नकारात्मक ऊर्जा का विनाश करने वाली देवी माना जाता है, जो अपने भक्तों के जीवन से अंधकार को मिटाकर प्रकाश लाती हैं।