छात्र प्रदर्शन पर अमित शाह के बयान पर जेबी माथर का पलटवार, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई

कांग्रेस की राज्यसभा सांसद जेबी माथर ने छात्र प्रदर्शनों और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर केंद्र सरकार और गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला है। जेबी माथर ने गृह मंत्री द्वारा एबीवीपी कार्यकर्ताओं को दी गई बधाई और विपक्षी छात्र समूहों को झूठ और अराजकता फैलाने वाला बताने वाले बयानों पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
सांसद जेबी माथर ने कहा कि क्या गृह मंत्री यह कहना चाहते हैं कि हाथों में तिरंगा लेकर देशभक्ति के जज्बे के साथ सड़क पर उतरे युवा छात्र देश विरोधी हैं या अराजकता फैला रहे हैं? उन्होंने इसे छात्रों के बुनियादी अधिकारों पर हमला करार दिया। साथ ही, उन्होंने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई, बैरिकेडिंग और हिरासत में लिए जाने की घटना पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने तर्क दिया कि अगर प्रदर्शनकारियों की संख्या कम थी, तो सुरक्षा के इतने कड़े इंतजाम क्यों किए गए थे?
चुनाव आयोग और आर्थिक हितों पर उठाए सवाल
चुनाव आयोग के मुद्दे पर बात करते हुए जेबी माथर ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को फिर से दोहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग के कामकाज और चुनाव आयुक्तों द्वारा जताई गई असहमति पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया है। हालांकि, 17 राज्यों में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) और राजनीतिक दलों को मशीन-रीडेबल मतदाता सूची देने के फैसले को उन्होंने विपक्ष की जीत बताया, लेकिन यह सवाल भी किया कि इन मांगों को पहले क्यों नहीं माना गया।
इसके अलावा, उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के उस बयान की भी आलोचना की जिसमें विपक्ष पर भारत में बांग्लादेश जैसी स्थिति चाहने का आरोप लगाया गया था। उन्होंने पूछा कि क्या सरकार विपक्ष की चिंताओं को दूर करने के बजाय केवल मुख्य चुनाव आयुक्त का बचाव कर रही है।
भारत-अमेरिका संबंधों और आर्थिक मोर्चे पर बोलते हुए माथर ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ फैसलों और यूपीआई लेनदेन शुल्क में बदलाव पर चिंता जताई। उन्होंने सवाल किया कि देश के किसानों, व्यापारियों और उद्योगों के हितों की रक्षा कौन कर रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार को अमेरिका के साथ सौदों में भारत के राष्ट्रीय हितों को सुरक्षित करने के लिए अधिक आत्मविश्वास दिखाना चाहिए।