जवलपुरी बिल्डिंग हादसा: कांग्रेस ने सरकार को घेरा, पीड़ित परिवार के लिए मुआवजे की मांग

दिल्ली के नांगलोई इलाके के जवलपुरी में एक पुरानी इमारत गिरने से मचे हाहाकार के बाद अब राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इस दर्दनाक हादसे में 50 वर्षीय शमशुल की जान चली गई, जबकि उनके 25 साल के बेटे शोएब गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना के बाद दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और सरकार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए आर्थिक मदद और नौकरी की मांग की है।
जानकारी के मुताबिक, यह हादसा गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026 को हुआ। बताया जा रहा है कि करीब 50 साल पुरानी यह जर्जर इमारत लोहे के गर्डर और पत्थर की स्लैब से बनी थी। जब इमारत की मरम्मत का काम चल रहा था, तभी अचानक वह ढह गई। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि निर्माण सामग्री और मलबे के जमा होने की वजह से कमजोर ढांचा इस वजन को सहन नहीं कर पाया और गिर गया। हादसे के वक्त वहां दो मजदूर भी मौजूद थे। स्थानीय लोगों ने ही तत्परता दिखाते हुए मलबे से शोएब को बाहर निकाला और शमशुल के शव को बरामद किया।
'ट्रिपल इंजन' फेलियर का लगाया आरोप
शनिवार को देवेंद्र यादव अपने साथ पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, जिनमें अनिल भारद्वाज, रोहित चौधरी, वरुण ढाका, सुरेंद्र कुमार और पी.के. मिश्रा शामिल थे, के साथ पीड़ित परिवार के पास पहुंचे। उन्होंने इस हादसे को केंद्र, राज्य और नगर निगम की मिली-जुली विफलता बताते हुए इसे 'ट्रिपल इंजन फेलियर' करार दिया।
देवेंद्र यादव ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि इतनी बड़ी त्रासदी के बावजूद अधिकारी पूरी तरह गायब रहे। उन्होंने मांग की कि घायल युवक शोएब को सरकार नौकरी दे और पीड़ित परिवार को घर दोबारा बनाने के लिए पर्याप्त वित्तीय सहायता प्रदान करे। यादव ने इस बात पर भी जोर दिया कि जवलपुरी इलाके में पिछले पांच दशकों से कई लोग ऐसी ही जर्जर और खतरनाक इमारतों में रहने को मजबूर हैं, जिस पर प्रशासन ने कभी ध्यान नहीं दिया।