सेमीकंडक्टर इंजीनियरिंग में स्किल गैप दूर करेगा JastTech, लॉन्च किया 'Train-Build-Deploy' मॉडल
भारत में सेमीकंडक्टर इंजीनियरों की कमी को दूर करने के लिए JastTech ने 'Train-Build-Deploy' मॉडल लॉन्च किया है। जानें कैसे होगा युवाओं का कौशल विकास।

भारत में सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री तेजी से बढ़ रही है, लेकिन एक बड़ी चुनौती यह है कि कंपनियों को उनकी जरूरत के मुताबिक 'सिलिकॉन-रेडी' इंजीनियर नहीं मिल रहे हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स ग्रेजुएट्स के पास डिग्री तो है, लेकिन व्यावहारिक ज्ञान की कमी उन्हें नौकरी पाने में मुश्किल पैदा कर रही है। इसी समस्या को हल करने के लिए JastTech ने अपना खास 'Train-Build-Deploy' मॉडल पेश किया है, जिसका मकसद छात्रों की किताबी पढ़ाई और ग्लोबल चिप डिजाइन केंद्रों की जरूरतों के बीच के अंतर को खत्म करना है।
इस पहल के तहत छात्रों को केवल थ्योरी नहीं, बल्कि वह अनुभव दिया जाएगा जो वास्तव में इंडस्ट्री में काम आता है। JastTech ने छात्रों के लिए Cadence और Synopsys जैसे कमर्शियल सॉफ्टवेयर टूल्स का 24/7 क्लाउड एक्सेस उपलब्ध कराया है। साथ ही, उन्हें सक्रिय चिप इंजीनियरों से मेंटरशिप भी मिलेगी, ताकि वे वास्तविक प्रोजेक्ट्स पर काम करना सीख सकें।
इन चार मुख्य क्षेत्रों पर रहेगा ट्रेनिंग का फोकस
JastTech का यह ट्रेनिंग प्रोग्राम चार प्रमुख डोमेन में बंटा हुआ है, ताकि इंजीनियर हर पहलू में माहिर हो सकें:
- फ्रंट-एंड चिप डिजाइन: इसमें Verilog और SystemVerilog का उपयोग करके RTL डिजाइन और वेरिफिकेशन सिखाया जाएगा।
- डिफेक्ट-फ्री मैन्युफैक्चरिंग: इसमें स्कैन चेन इंसर्शन और ATPG जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को कवर किया गया है।
- सिलिकॉन ब्लूप्रिंट क्रिएशन: यहाँ छात्र फ्लोरप्लानिंग और राउटिंग जैसे फिजिकल डिजाइन टास्क सीखेंगे।
- हार्डवेयर लैब ब्रिंग-अप: पोस्ट-सिलिकॉन वैलिडेशन के लिए Python ऑटोमेशन का उपयोग करना सिखाया जाएगा, जिसमें USB, PCIe और JTAG जैसे इंटरफेस शामिल हैं।
यह कदम ऐसे समय पर आया है जब भारत सरकार भी चिप निर्माण और डिजाइन को बढ़ावा देने के लिए गंभीर है। जुलाई 2026 में स्वीकृत Semicon 2.0 प्रोग्राम के तहत ₹1,27,500 करोड़ का भारी-भरकम बजट आवंटित किया गया है। इसके अलावा, बेंगलुरु स्किल समिट 2026 जैसे आयोजनों के जरिए सरकार और इंडस्ट्री के बीच साझेदारी को मजबूत किया जा रहा है, ताकि देश में तकनीकी कार्यबल का तेजी से विकास हो सके।