जसोला में पारिवारिक विवाद में इलेक्ट्रीशियन की हत्या, आरोपी भाई और भाभी गिरफ्तार

दिल्ली के जसोला में पानी की मोटर और जमीन विवाद में एक इलेक्ट्रीशियन की हत्या कर दी गई। पुलिस ने आरोपी भाई और उसकी पत्नी को गिरफ्तार किया है।

Kittu Kumari23 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
जसोला में पारिवारिक विवाद में इलेक्ट्रीशियन की हत्या, आरोपी भाई और भाभी गिरफ्तार

देश की राजधानी दिल्ली के जसोला इलाके में एक खौफनाक वारदात सामने आई है, जहां मामूली विवाद ने इतना उग्र रूप ले लिया कि एक भाई ने अपने ही छोटे भाई की जान ले ली। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी ओमप्रकाश वर्मा और उसकी पत्नी चंदा वर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। यह पूरी घटना पारिवारिक कलह और संपत्ति के विवाद से जुड़ी बताई जा रही है।

जानकारी के मुताबिक, मृतक संजय वर्मा पेशे से एक इलेक्ट्रीशियन था और अपनी पत्नी व दो बच्चों के साथ जसोला में रहता था। उसी घर की ऊपरी मंजिल पर उसका बड़ा भाई ओमप्रकाश अपने परिवार के साथ रहता था। 21 अक्टूबर को दोनों परिवारों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि उसने हिंसक रूप ले लिया। पुलिस जांच में पता चला है कि विवाद की शुरुआत एक पानी की मोटर को लेकर हुई थी, लेकिन इसकी जड़ें उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में स्थित पांच बीघा पुश्तैनी जमीन के विवाद में दबी थीं।

झगड़े के दौरान लकड़ी से सिर पर वार कर ली जान

DelhiBreakings की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel

घटना वाले दिन संजय और उसकी भाभी चंदा के बीच तीखी बहस हुई, जिसके बाद चंदा ने अपने पति ओमप्रकाश को बुलाया। देखते ही देखते मामला हाथापाई तक पहुंच गया। इसी संघर्ष के दौरान ओमप्रकाश ने लकड़ी की एक भारी छड़ी से संजय के सिर पर जोरदार प्रहार किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी मौत हो गई। इस हमले के दौरान बीच-बचाव करने आई संजय की मां जमुना देवी और उसकी पत्नी सोनी (नरगिस) को भी चोटें आईं।

वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी दंपत्ति दिल्ली छोड़कर भागने की फिराक में थे। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए 21 अक्टूबर को चंदा वर्मा को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के पास से और अगले दिन 22 अक्टूबर को ओमप्रकाश को सराय काले खां बस स्टैंड से धर दबोचा।

पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) और 3(5) के तहत केस दर्ज किया है। सबूत के तौर पर वारदात में इस्तेमाल लकड़ी की छड़ी, मृतक के कपड़े और सीसीटीवी फुटेज बरामद कर लिए गए हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ओमप्रकाश का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है और 2015 में उस पर सरिता विहार थाने में मामला दर्ज था।

Share:

Comments

Leave a comment