जंतर मंतर पर हाई वोल्टेज ड्रामा: प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर लेटकर रोकी पुलिस की बस

देश की राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर पर माहौल बेहद तनावपूर्ण बना हुआ है। यहां प्रदर्शनकारियों और दिल्ली पुलिस के बीच आमने-सामने की जंग देखने को मिली, जब हिरासत में लिए गए लोगों को ले जा रही पुलिस की एक बस को प्रदर्शनकारियों ने पूरी तरह ब्लॉक कर दिया। हालात इस कदर थे कि पुलिस की गाड़ी एक घंटे की मशक्कत के बाद महज 100 मीटर ही आगे बढ़ पाई। प्रदर्शनकारी बस का रास्ता रोकने के लिए सड़क पर लेट गए और बीच में बैरिकेड्स लगा दिए, जिससे पुलिस के हाथ-पांव फूल गए।
यह पूरा विवाद 4 अक्टूबर 2026 को शुरू हुआ, जब विभिन्न वामपंथी दलों, आम आदमी पार्टी, छात्र संगठनों और नागरिक समाज के लोग जंतर मंतर पर इकट्ठा हुए थे। इस प्रदर्शन में कपिल सिब्बल, योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण जैसी जानी-मानी हस्तियों सहित नेहा बोरा भी शामिल थीं। इन प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा था। हालांकि, दिल्ली पुलिस का कहना है कि यह प्रदर्शन पूरी तरह अनधिकृत था और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत लागू निषेधाज्ञा के बावजूद यहां भीड़ जुटाई गई थी। पुलिस ने इस मामले में अब तक तीन एफआईआर दर्ज की हैं।
महिला पत्रकारों पर बदसलूकी और पुलिस की कार्रवाई
इस हंगामे के बीच एक और गंभीर मामला सामने आया है। प्रदर्शन की कवरेज कर रही तीन महिला पत्रकारों ने पुलिसकर्मियों पर यौन उत्पीड़न और दुर्व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए हैं। इन आरोपों की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने इन शिकायतों को निष्पक्ष जांच के लिए क्राइम ब्रांच को सौंप दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही शिकायतकर्ताओं और गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे।
वहीं, प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने पुलिस के इस रवैये की कड़ी निंदा की है। क्लब का कहना है कि लोकतंत्र में प्रेस की आजादी सर्वोपरि है और पत्रकारों को डरा-धमकाकर उनका काम बाधित नहीं किया जा सकता। एआईएसए (AISA) की नेता नेहा बोरा और अन्य राजनीतिक दिग्गजों ने भी दिल्ली पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों के साथ किए गए व्यवहार की सार्वजनिक रूप से आलोचना की है।
गौरतलब है कि इलाके में तनाव केवल आज ही नहीं था, बल्कि 3 अक्टूबर को भी पुलिस को मुश्किलों का सामना करना पड़ा था जब हिरासत में लिए गए लोगों को ले जा रही एक बस बीच सड़क पर खराब हो गई थी और पुलिसकर्मियों को उसे धक्का मारकर हटाना पड़ा था। फिलहाल जंतर मंतर पर भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।