जंतर मंतर से हटे बैरिकेड्स, अब विरोध प्रदर्शन के लिए नहीं रहेगा अधिकृत स्थल
दिल्ली पुलिस ने जंतर मंतर को अधिकृत विरोध स्थल की सूची से हटाया, जिसके बाद वहां लगे बैरिकेड्स हटा लिए गए हैं।

दिल्ली के दिल में स्थित ऐतिहासिक जंतर मंतर से अब भारी-भरकम बैरिकेड्स हटा लिए गए हैं। दिल्ली पुलिस कमिश्नर के आदेश के बाद इस इलाके को अब अधिकृत विरोध प्रदर्शन स्थल (Authorized Protest Site) की सूची से बाहर कर दिया गया है। महीनों से यहां लगे प्रतिबंधों और बैरिकेड्स की वजह से स्थानीय निवासियों और राहगीरों को काफी परेशानी हो रही थी, जिससे अब उन्हें बड़ी राहत मिलेगी।
जंतर मंतर लंबे समय से देश के राजनीतिक आंदोलनों और जन-आक्रोश का मुख्य केंद्र रहा है, लेकिन हाल के दिनों में यहां भीड़ प्रबंधन और ट्रैफिक की समस्या गंभीर हो गई थी। दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट को दिए अपने जवाब में स्पष्ट किया कि इस फैसले के पीछे गृह मंत्रालय (MHA) की एक समिति की सिफारिशें थीं। पुलिस के मुताबिक, जंतर मंतर की क्षमता केवल 1,500 लोगों की है, जबकि यहां हर साल 1,300 से ज्यादा प्रदर्शन होते हैं। इस वजह से न केवल ट्रैफिक जाम होता था, बल्कि एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी आपातकालीन सेवाओं के पहुंचने में भी भारी दिक्कतें आती थीं।
विरोध प्रदर्शन के लिए अब ये रहेंगे विकल्प
जंतर मंतर को डी-नोटिफाई करने के बाद दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के लिए वैकल्पिक स्थानों का सुझाव दिया है। अब लोग अपनी बात रखने के लिए निम्नलिखित जगहों का उपयोग कर सकेंगे:
- रामलीला मैदान (मध्य दिल्ली)
- सीबीडी ग्राउंड (पूर्वी दिल्ली)
- बुरारी मैदान (उत्तर-पश्चिम दिल्ली)
पुलिस ने कोर्ट में दाखिल हलफनामे में यह भी साफ किया कि यह निर्णय काफी समय से विचारणाधीन था और इसे केवल एक अदालती आदेश के आधार पर नहीं, बल्कि जमीनी हकीकत और जनसुविधाओं को देखते हुए लिया गया है। अक्सर यहां होने वाली भीड़ जनपथ और कनॉट प्लेस तक फैल जाती थी, जिससे पूरे इलाके की रफ्तार थम जाती थी। अब बैरिकेड्स हटने से इस व्यस्त इलाके में आवाजाही पहले की तरह सुगम हो जाएगी।