जनकपुरी में गंदे पानी की सप्लाई से लोग परेशान, दिल्ली सरकार कर रही है समर एक्शन प्लान की समीक्षा

दिल्ली के जनकपुरी इलाके के BE ब्लॉक में रहने वाले लोग इन दिनों गंदे और इस्तेमाल के लायक न होने वाले पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। स्थानीय आरडब्ल्यूए (RWA) अध्यक्ष नकुल मेहता के अनुसार, जुलाई में निर्माण कार्य के दौरान सीवेज पंपिंग की एक अस्थायी व्यवस्था हटाए जाने के बाद से कम से कम 192 परिवार इस परेशानी का सामना कर रहे हैं। यहाँ के लोग पीने, खाना बनाने या साफ-सफाई के लिए इस पानी का बिल्कुल भी इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं, जिससे कई लोगों को त्वचा की समस्या और बीमारियां हो रही हैं। इस स्थिति से निपटने के लिए परिवारों को साफ पानी पर रोजाना लगभग 400 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं, जिससे हर घर को सालभर में औसतन 1.5 लाख रुपये का खर्च उठाना पड़ रहा है। राजीव पासी नामक 62 वर्षीय स्थानीय निवासी ने बताया कि जो पानी सप्लाई किया जा रहा है, वह किसी भी काम के लायक नहीं है (Source)।
दिल्ली सरकार की उच्च स्तरीय बैठक
पानी की गुणवत्ता और कमी को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के बाद, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 20 अगस्त 2026 को दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के समर एक्शन प्लान 2026 की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस रणनीति में कॉलोनी के हिसाब से पानी की सप्लाई का समय, टैंकर के रूट और 168 विभागीय तथा 819 किराए के पानी के टैंकरों को तैनात करना शामिल है। साथ ही, मांग बढ़ने पर 200 और गाड़ियां खरीदने की योजना भी है। दिल्ली जल बोर्ड ने बुनियादी ढांचे की मरम्मत का काम किया है और शिकायतों के समाधान में तेजी लाने के लिए 24x7 हेल्पलाइन (1916 या 1800117118) और एक चैटबॉट सिस्टम भी शुरू किया है (Source)।
वाटर एनालाइजर्स और मॉनिटरिग
वितरण पर नजर रखने के व्यापक प्रयासों के तहत, दिल्ली जल बोर्ड ने गुलमोहर पार्क में ऑनलाइन वाटर एनालाइजर्स का उपयोग करके एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है, जिसकी निगरानी के अपडेट हाल ही में 20 अगस्त 2026 को दर्ज किए गए। दिल्ली जल बोर्ड द्वारा अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित आधिकारिक पानी की गुणवत्ता रिपोर्ट से जुलाई के दौरान एकत्र किए गए नमूनों की लगातार निगरानी का पता चलता है। इस बीच जनकपुरी के निवासी सीवर ओवरफ्लो और गंदे पानी की समस्या का स्थायी समाधान निकालने की लगातार मांग कर रहे हैं (Source)।