जमतारा साइबर फ्रॉड: बीटेक इंजीनियर समेत दो गिरफ्तार, दिल्लीवालों को बनाया निशाना
दिल्ली पुलिस ने झारखंड के धनबाद से एक बीटेक इंजीनियर समेत दो जालसाजों को गिरफ्तार किया है, जो क्रेडिट कार्ड के जरिए ठगी कर रहे थे।

दिल्ली पुलिस की शाहदरा साइबर सेल ने एक बड़े ऑपरेशन के बाद झारखंड के जमतारा से संचालित हो रहे एक साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से एक बीटेक ग्रेजुएट इंजीनियर है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान 24 वर्षीय आफताब अंसारी और 23 वर्षीय अब्दुल मजीद के रूप में हुई है, जो झारखंड के जमतारा जिले के बोरवा गांव के रहने वाले हैं।
शाहदरा जिला डीसीपी राजेंद्र प्रसाद मीणा ने बताया कि यह पूरा गिरोह क्रेडिट कार्ड की डिटेल्स चुराकर अवैध ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करने में माहिर था। इनके निशाने पर मुख्य रूप से दिल्ली के लोग थे। शुरुआती जांच में यह अंदेशा जताया गया है कि अब तक 50 से ज्यादा लोग इस गिरोह की ठगी का शिकार हो चुके हैं। पुलिस ने इन दोनों आरोपियों को धनबाद से एक चार दिवसीय विशेष अभियान के बाद दबोचा।
फेसबुक पर KYC अपडेट के नाम पर देते थे झांसा
ठगी का यह खेल सोशल मीडिया के जरिए शुरू होता था। आरोपी फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म पर खुद को बैंक अधिकारी बताकर क्रेडिट कार्ड KYC अपडेट करने के विज्ञापन डालते थे। जब कोई व्यक्ति उनके जाल में फंसता, तो वे स्क्रीन-शेयरिंग एप्लिकेशन का इस्तेमाल कर पीड़ित के क्रेडिट कार्ड की गोपनीय जानकारी और ओटीपी (OTP) हासिल कर लेते थे।
इस गिरोह का खुलासा तब हुआ जब 23 सितंबर 2026 को तरनजीत सिंह नाम के व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई कि उनके खाते से सैमसंग फोन की खरीदारी के नाम पर 1.40 लाख रुपये उड़ा लिए गए हैं। जांच में पता चला कि आरोपी इन पैसों से महंगे मोबाइल फोन खरीदते थे और उन्हें धनबाद के पतों पर मंगवाते थे।
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनमें व्हाट्सएप चैट और डिजिटल सबूत मौजूद हैं। फिलहाल पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं और कुल कितनी राशि की ठगी की गई है।