जामिया यूनिवर्सिटी की प्रदर्शनकारी छात्रों को 'अंतिम चेतावनी', कैंपस खाली करने का आदेश
जामिया मिलिया इस्लामिया ने प्रदर्शनकारी छात्रों को कैंपस खाली करने की अंतिम चेतावनी दी है, वरना कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जामिया मिलिया इस्लामिया (JMI) प्रशासन और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच तनाव बढ़ गया है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने उन छात्रों को एक 'अंतिम चेतावनी' जारी की है, जो कैंपस में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रशासन ने छात्रों को तुरंत गुलिस्तान-ए-गालिब बिल्डिंग और गालिब लॉन को खाली करने का निर्देश दिया है। यूनिवर्सिटी का कहना है कि छात्रों की इस मौजूदगी से पॉलिटिकल साइंस और इकोनॉमिक्स विभाग के कामकाज में बाधा आ रही है, जो पूरी तरह से गैरकानूनी है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि छात्रों ने तुरंत कैंपस और प्रदर्शन स्थल को खाली नहीं किया, तो उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी। नोटिस में कहा गया है कि छात्रों को यह आखिरी मौका दिया जा रहा है कि वे अपने साथियों के साथ कैंपस छोड़कर चले जाएं।
यूनियन चुनाव और छात्रों का रुख
यह पूरा विवाद स्टूडेंट्स यूनियन की बहाली को लेकर है, जिसे 2006 में भंग कर दिया गया था। हाल ही में प्रशासन ने घोषणा की थी कि यूनियन के संविधान की मंजूरी के 15 दिनों के भीतर चुनाव कराए जाएंगे। साथ ही, विरोध प्रदर्शन के दौरान जारी किए गए सस्पेंशन और कारण बताओ नोटिसों को भी वापस ले लिया गया है। प्रशासन का दावा था कि इस समझौते के बाद प्रदर्शन खत्म हो गया है और छात्र सार्वजनिक माफी मांगेंगे।
हालांकि, प्रदर्शनकारी छात्रों ने प्रशासन के इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। छात्रों का कहना है कि उनका 14 दिनों से चल रहा आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं। उन्होंने प्रशासन के आश्वासन को 'अस्पष्ट' बताया है और कहा है कि जब तक चुनाव की निश्चित समयसीमा और यूनियन की बहाली का स्पष्ट रोडमैप नहीं मिलता, वे पीछे नहीं हटेंगे। छात्रों ने यह भी साफ किया कि जो छात्र भूख हड़ताल पर हैं, वे इसे जारी रखेंगे।