जामिया यूनिवर्सिटी में छात्रों की भूख हड़ताल जारी, प्रशासन ने शुरू किया दीवार निर्माण
जामिया मिलिया इस्लामिया में छात्रों की भूख हड़ताल जारी है, इसी बीच प्रशासन ने कैंपस गेट पर बाउंड्री वॉल बनाने की तैयारी शुरू कर दी है।

दिल्ली की मशहूर जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में तनाव का माहौल बना हुआ है। एक तरफ जहां छात्र अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं, वहीं दूसरी ओर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कैंपस के उन गेटों के सामने बाउंड्री वॉल (सीमा दीवार) बनाने का काम शुरू कर दिया है, जिनका इस्तेमाल अक्सर प्रदर्शनकारी छात्र करते रहे हैं। हालांकि, प्रशासन इस बात से साफ इनकार कर रहा है कि दीवार बनाने का इस आंदोलन से कोई लेना-देना है।
छात्रों का यह आंदोलन अब अपने 11वें दिन में प्रवेश कर चुका है। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग 2006 से बंद पड़े स्टूडेंट्स यूनियन को दोबारा बहाल करना और प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई को वापस लेना है। गुरुवार को यूनिवर्सिटी के गालिब लॉन में एक जनरल बॉडी मीटिंग हुई, जिसमें छात्रों ने साफ किया कि जब तक चुनाव की तारीखों का ऐलान नहीं होता, चीफ प्रॉक्टर और सिक्योरिटी एडवाइजर को नहीं हटाया जाता और disciplinary proceedings खत्म नहीं होती, उनका संघर्ष जारी रहेगा।
प्रशासन की कार्रवाई और छात्रों का विरोध
छात्रों ने प्रशासन द्वारा 21 अक्टूबर को जारी दो नोटिसों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उनका आरोप है कि इन नोटिसों के जरिए उनके आंदोलन को कमजोर करने और छात्रों को डराने की कोशिश की जा रही है। वहीं, यूनिवर्सिटी प्रशासन का कहना है कि वह बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन सुरक्षा के मद्देनजर कदम उठाना जरूरी है।
जानकारी के मुताबिक, प्रशासन ने असलम मंजिल और इकबाल मंजिल हॉस्टल के बीच, साथ ही जामिया मस्जिद और गेट नंबर 17 के पास फेंसिंग और गेट लगाने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। गौरतलब है कि जनवरी 2026 में भी यूनिवर्सिटी ने दीवारों पर लिखे जाने वाले विवादास्पद नारों को रोकने के लिए 'वॉल्स ऑफ डेमोक्रेसी' बनाने का प्रोजेक्ट शुरू किया था।
कैंपस में जारी इस अशांति और गालिब की प्रतिमा को नुकसान पहुंचने जैसी घटनाओं के कारण यूनिवर्सिटी ने अपने 106वें स्थापना दिवस समारोह और 'तालिमी मेला 2026' को रद्द कर दिया है। हालांकि, कुलपति मज़हर आसिफ ने छात्रों के प्रतिनिधियों से बातचीत के लिए सात सदस्यीय कमेटी बनाई है। साथ ही, भूख हड़ताल कर रहे छात्रों की सेहत की निगरानी के लिए मेडिकल टीम और एम्बुलेंस की तैनाती भी की गई है।