जामिया यूनिवर्सिटी में तनाव: भूख हड़ताल कर रहे छात्रों पर हमले का आरोप, पुलिस ने की हिरासत

Kittu Kumari17 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
जामिया यूनिवर्सिटी में तनाव: भूख हड़ताल कर रहे छात्रों पर हमले का आरोप, पुलिस ने की हिरासत

देश की प्रतिष्ठित जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में माहौल एक बार फिर तनावपूर्ण हो गया है। कैंपस में छात्र संघ चुनाव की बहाली की मांग को लेकर भूख हड़ताल कर रहे छात्रों ने यूनिवर्सिटी सुरक्षाकर्मियों पर मारपीट का गंभीर आरोप लगाया है। छात्रों का दावा है कि दिल्ली पुलिस की मौजूदगी में सुरक्षाकर्मियों ने उनके साथ बदसलूकी की और उन्हें जबरन प्रदर्शन स्थल से हटा दिया।

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के मुताबिक, छात्र पिछले पांच दिनों से इस बात पर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे कि यूनिवर्सिटी में साल 2006 के बाद से छात्र संघ के चुनाव नहीं कराए गए हैं। AISA का आरोप है कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों को सुरक्षा कर्मचारियों द्वारा जबरन हटाया गया और फिर उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया गया।

पुलिस कार्रवाई और प्रशासन का सख्त रुख

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इस पूरे मामले में दिल्ली पुलिस ने पुष्टि की है कि 16 अक्टूबर की शाम को एइसा (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा और कार्यकर्ता अभिजीत डिपके को निवारक धाराओं के तहत हिरासत में लिया गया था। हालांकि, कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद नेहा बोरा को रिहा कर दिया गया, लेकिन अभिजीत डिपके अभी भी हिरासत में हैं और उन्हें 17 अक्टूबर को एसईएम कोर्ट में पेश किया जाना है। उन पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126/170 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

दूसरी ओर, यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छात्रों के व्यवहार पर सख्त रुख अपनाया है। प्रशासन ने याद दिलाया कि नवंबर 2025 के एक आदेश के तहत कैंपस में बिना अनुमति के किसी भी तरह की बैठक, सभा या धरने को दंडनीय अपराध माना गया है।

गौरतलब है कि 16 अक्टूबर को कुलपति, रजिस्ट्रार और विभिन्न विषय संघों के अधिकारियों के बीच करीब छह घंटे तक बातचीत चली, लेकिन छात्र संघ चुनाव की बहाली की मुख्य मांग पर कोई सहमति नहीं बन पाई। यूनिवर्सिटी में तनाव की यह कोई पहली घटना नहीं है; इससे पहले सितंबर 2026 में हॉस्टल के खाने की गुणवत्ता को लेकर और मई 2025 में कैंपस झड़पों के बाद सात छात्रों को निलंबित किए जाने के बाद भी भारी विरोध प्रदर्शन हुए थे।

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