जामिया यूनिवर्सिटी छात्र चुनाव आदेश खारिज, माफी की शर्त पर अड़े छात्र
जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्रों ने यूनिवर्सिटी के चुनाव आदेश को ठुकराया है। माफी मांगने की शर्त और निलंबन पर बढ़ा विवाद।

जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में छात्र संघ चुनावों को लेकर प्रशासन और छात्रों के बीच टकराव बढ़ गया है। यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा 26 अक्टूबर 2026 को जारी चुनाव संबंधी आदेश को छात्रों ने सिरे से खारिज कर दिया है। विवाद की मुख्य वजह प्रशासन द्वारा रखी गई कुछ शर्तें और चुनाव की अस्पष्ट समयसीमा है, जिसे छात्र मानने को तैयार नहीं हैं। जामिया यूनिवर्सिटी छात्र चुनाव की बहाली के लिए प्रशासन ने कहा था कि यूनियन के संविधान की मंजूरी के 15 दिन बाद चुनाव होंगे, लेकिन छात्रों का कहना है कि यह प्रक्रिया काफी संदिग्ध है।
छात्रों की सबसे बड़ी आपत्ति उस क्लॉज (शर्त) को लेकर है, जिसमें सोशल मीडिया पर कथित तौर पर मानहानि करने वाली पोस्ट के लिए सार्वजनिक माफी मांगने की बात कही गई है। छात्रों का स्पष्ट कहना है कि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया है, इसलिए वे ऐसी किसी भी शर्त को स्वीकार नहीं करेंगे। इसके अलावा, छात्रों ने मांग की है कि यूनियन के संविधान का मसौदा तैयार कर 20 दिसंबर 2026 तक उसे मंजूरी दे दी जाए, ताकि चुनाव की अधिसूचना समय पर जारी हो सके।
निलंबन और अनुशासनिक कार्रवाई पर बढ़ा तनाव
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कुछ सस्पेंशन और कारण बताओ नोटिस वापस लेने का वादा तो किया है, लेकिन छात्रों का आरोप है कि आदेश में उन लोगों की स्थिति स्पष्ट नहीं है जिन्हें कैंपस से निष्कासित (rusticate) किया गया है या प्रतिबंधित किया गया है। इसमें एबिन बासिल का मामला शामिल है, जिन्हें 17 अक्टूबर को एक साल के लिए निष्कासित किया गया था। साथ ही, जासिम खान और रिहान हैदर अब भी निलंबित हैं और उन्हें कैंपस में आने की अनुमति नहीं है। ये छात्र 12 अक्टूबर से शुरू हुए भूख हड़ताल का हिस्सा थे।
तनाव इतना बढ़ गया है कि प्रदर्शनकारी छात्र अब यूनिवर्सिटी प्रॉक्टर के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं। हालांकि प्रशासन ने सुरक्षाकर्मियों के व्यवहार की जांच के लिए एक कमेटी बनाने का प्रस्ताव दिया है, लेकिन भूख हड़ताल पर बैठे पांच छात्रों में से दो ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे अपना विरोध जारी रखेंगे। इस बीच, कैंपस में बढ़ते तनाव को देखते हुए यूनिवर्सिटी ने फिलहाल सभी कक्षाएं ऑनलाइन कर दी हैं और लाइब्रेरी को बंद रखा है।