जामिया यूनिवर्सिटी में छात्र संघ चुनाव की मांग तेज, कैंपस के बाहर धारा 163 लागू

जामिया मिलिया इस्लामिया में छात्र संघ चुनाव की मांग को लेकर प्रदर्शन जारी है। प्रशासन ने कक्षाएं ऑनलाइन कर दी हैं और कैंपस के बाहर धारा 163 लागू की गई है।

Kittu Kumari27 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
जामिया यूनिवर्सिटी में छात्र संघ चुनाव की मांग तेज, कैंपस के बाहर धारा 163 लागू

नई दिल्ली की जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में छात्र संघ चुनाव कराने की मांग को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को 16वें दिन भी जारी रहा। तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने कैंपस के गेट नंबर 7 के बाहर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी है। इसके तहत किसी भी तरह के गैरकानूनी जमावड़े पर रोक लगा दी गई है और चेतावनी दी गई है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

यूनिवर्सिटी प्रशासन ने स्थिति को संभालने के लिए बड़ा कदम उठाते हुए 8 नवंबर 2026 तक सभी कक्षाओं को ऑनलाइन मोड पर शिफ्ट कर दिया है। इतना ही नहीं, मिड-टर्म सेमेस्टर परीक्षाओं को भी अब ऑनलाइन ही आयोजित किया जाएगा।

प्रशासन और छात्रों के बीच गतिरोध बरकरार

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यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार मोहम्मद महताब आलम रिज़वी ने पहले आश्वासन दिया था कि छात्र संघ के संविधान को औपचारिक मंजूरी मिलने के 15 दिनों के भीतर चुनाव कराए जाएंगे। हालांकि, SFI, AISA, NSUI, AISF, AIDSO और दिशा जैसे छात्र संगठनों ने इस नोटिस को सिरे से खारिज कर दिया है। छात्रों का कहना है कि प्रशासन ने संविधान की मंजूरी के लिए कोई स्पष्ट समय सीमा तय नहीं की है, इसलिए वे अपनी मांग पर अड़े हुए हैं।

भले ही प्रशासन ने निलंबित छात्रों के आदेश वापस लेने और सुरक्षाकर्मियों के व्यवहार की जांच के लिए कमेटी बनाने की बात कही है, लेकिन छात्रों का आरोप है कि सुरक्षा कर्मचारी प्रदर्शनकारियों को पुलिस के हवाले कर रहे हैं। इसी बीच, केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि छात्रों के साथ बातचीत जारी है और उन्होंने अपील की है कि कैंपस में कानून-व्यवस्था न बिगाड़ें।

इस पूरे मामले ने अब राजनीतिक मोड़ ले लिया है। 25 अक्टूबर को कांग्रेस सांसदों इमरान मसूद और इमरान प्रतापगढ़ी के खिलाफ कथित तौर पर बिना अनुमति कैंपस में प्रवेश करने और अशांति फैलाने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। प्रदर्शनकारी ओखला हेड से कुलपति के आवास तक मार्च निकालने की योजना बना रहे थे, लेकिन धारा 163 लागू होने के कारण वे इसमें सफल नहीं हो पाए। प्रशासन ने अब प्रदर्शनकारियों को जगह खाली करने का अंतिम नोटिस जारी किया है और चेतावनी दी है कि ऐसा न करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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