जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्रों का जोरदार प्रदर्शन, महिला हॉस्टल के निष्कासन नोटिस को वापस लेने की मांग

दिल्ली स्थित जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के सैकड़ों छात्रों ने गुरुवार, 24 सितंबर 2026 को गेट नंबर 7 के पास सेंट्रल कैंटीन में जोरदार प्रदर्शन किया। छात्रों ने महिला हॉस्टलर को जारी किए गए निष्कासन नोटिस को तुरंत वापस लेने की मांग की है। इस प्रदर्शन में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA), ऑल इंडियन रिवोल्यूशनरी स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन (AIRSO), फ्रेटरनिटी मूवमेंट, मुस्लिम स्टूडेंट्स फेडरेशन (MSF), नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI), स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) और स्टूडेंट्स इस्लामिक ऑर्गनाइजेशन (SIO) समेत कई छात्र संगठन शामिल हुए।
छात्रों के गंभीर आरोप
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन महिला हॉस्टल में खराब खाने की क्वालिटी और बदतर रहने की स्थिति से जुड़ी शिकायतों को दूर करने के बजाय इन निष्कासन नोटिस का इस्तेमाल सजा के तौर पर कर रहा है। AISA ने प्रशासन के रुख को तानाशाही बताया और खास तौर पर छात्रों की आवाज़ को दबाए जाने की निंदा की। सितंबर 2026 की शुरुआत में छात्रों ने अपने खाने में कीड़े और कांच के टुकड़े मिलने की शिकायत की थी, साथ ही रसोई में साफ-सफाई न होने के आरोप भी लगाए थे।
मेस ठेकेदार और प्रशासनिक कार्रवाई
यद्यपि प्रशासन ने 12 सितंबर 2026 को मेस ठेकेदार को बदलने पर सहमति जताई थी, लेकिन छात्रों का दावा है कि वही ठेकेदार एक अलग नाम से वापस आ गया है और महिला स्टाफ रखने के वादे भी अभी तक पूरे नहीं किए गए हैं। AISA की जामिया यूनिट के सचिव सौरभ ने पहले Provost निखत और वार्डन पर मेस की स्थिति को लेकर आवाज़ उठाने वाले छात्रों को धमकी देने का आरोप लगाया था।
आगे की चेतावनी
छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि निष्कासन नोटिस वापस नहीं लिए गए तो आगे और आंदोलन किया जाएगा। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इस प्रदर्शन पर अभी तक कोई आधिकारिक सार्वजनिक जवाब नहीं दिया है।