दिल्ली: जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में छात्राओं के हॉस्टल खाली कराने के नोटिस के खिलाफ छात्रों का भारी प्रदर्शन

नई दिल्ली। 24 सितंबर को जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के सैकड़ों छात्रों ने महिला हॉस्टल की छात्राओं को कथित रूप से दिए गए खाली करने के नोटिस के खिलाफ गुरुवार को विरोध प्रदर्शन किया। छात्र संगठनों ने इन नोटिसों को तुरंत वापस लेने की मांग की है। यह प्रदर्शन यूनिवर्सिटी के गेट नंबर 7 के अंदर सेंट्रल कैंटीन के पास आयोजित किया गया। इस विरोध प्रदर्शन का आयोजन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) ने AIRSO, फ्रेटरनिटी मूवमेंट, MSF, NSUI, SFI और SIO जैसे अन्य छात्र संगठनों के साथ मिलकर किया था। AISA के अनुसार, यह प्रदर्शन महिला हॉस्टल की रहने वाली छात्राओं को दिए गए अन्यायपूर्ण और मनमाने खाली करने के नोटिस के खिलाफ आवाज उठाने के लिए किया गया था।
छात्र संगठन ने आरोप लगाया कि यूनिवर्सिटी प्रशासन महिला हॉस्टलों में खाने की खराब गुणवत्ता और बुनियादी रहने की स्थिति से संबंधित चिंताओं को दूर करने के बजाय, उन छात्रों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है जो इन मुद्दों को उठा रहे हैं। AISA ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि बुनियादी सुविधाओं के बारे में वैध चिंताएं उठाने वाले छात्रों को सजा देना प्रशासन के तानाशाही रवैये को दर्शाता है। संगठन ने आगे कहा कि AISA इस तानाशाही रवैये और छात्र की आवाजों को लगातार निशाना बनाए जाने की कड़ी निंदा करता है।
प्रदर्शन कर रही छात्राओं और छात्रों ने महिला हॉस्टलों की छात्राओं के साथ एकजुटता व्यक्त की और चेतावनी दी कि यदि नोटिस वापस नहीं लिए गए तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। AISA ने अपनी विज्ञप्ति में कहा कि छात्र समुदाय महिला हॉस्टल की छात्राओं के साथ एकजुटता से खड़ा है। यदि इन मनमाने नोटिसों को तुरंत वापस नहीं लिया गया, तो हमें पूरे कैंपस में इस संघर्ष को और तेज करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। यह प्रदर्शन छात्रों द्वारा हॉस्टल की सुविधाओं में सुधार करने और बुनियादी सुविधाओं पर उनकी चिंताओं पर कार्रवाई करने की मांग के बीच सामने आया है।