जामिया यूनिवर्सिटी: छात्र संघ चुनाव की बहाली के लिए 5 छात्रों ने शुरू की भूख हड़ताल

दिल्ली की मशहूर जामिया मिलिया इस्लामिया (JMI) यूनिवर्सिटी में एक बार फिर छात्रों का आक्रोश फूट पड़ा है। यूनिवर्सिटी में छात्र संघ चुनाव (Student Union Elections) की बहाली की मांग को लेकर पांच छात्रों ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। यह विरोध प्रदर्शन सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 से शुरू हुआ है, क्योंकि छात्र चाहते हैं कि कैंपस में लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई एक छात्र यूनियन हो।
हड़ताल पर बैठे छात्रों में इंटरनेशनल स्टडीज के मास्टर छात्र जासिम खान, बीटेक छात्र नजमुल, बीए एलएलबी के एबिन बेसिल, फैजान अली खान और हिंदी विभाग के पीएचडी स्कॉलर सौरभ त्रिपाठी शामिल हैं। इनमें से दो छात्र NSUI से जुड़े हैं। छात्रों का कहना है कि जब अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) जैसे संस्थानों में चुनाव हो रहे हैं, तो जामिया में इसे क्यों रोका गया है। गौरतलब है कि इस यूनिवर्सिटी में पिछले 20 सालों से छात्र संघ के चुनाव नहीं हुए हैं।
प्रशासन और छात्रों के बीच तकरार
यूनिवर्सिटी प्रशासन का तर्क है कि 2006 में कैंपस में हिंसा और पढ़ाई में खलल के कारण छात्र संघ को भंग किया गया था। अधिकारियों का कहना है कि वे चुनावों के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक अनुरोध नहीं मिला है। प्रशासन का मानना है कि विभागों के स्तर पर प्रतिनिधित्व की वर्तमान व्यवस्था कैंपस को राजनीति और टकराव से बचाती है।
तनाव तब और बढ़ गया जब प्रदर्शनकारी फैजान अली खान ने करीब 300 छात्रों के हस्ताक्षर वाला एक ज्ञापन कुलपति कार्यालय में देने की कोशिश की, लेकिन उसे वापस कर दिया गया। इसके बाद प्रशासन ने ईमेल के जरिए छात्रों की आईडी और संपर्क विवरण मांगे, जिसे छात्रों ने समय बर्बाद करने की रणनीति बताकर खारिज कर दिया।
इस बीच, गेट नंबर 18 पर प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने कुछ छात्रों को हिरासत में भी लिया, जिसके बाद अब यह विरोध प्रदर्शन गेट नंबर 7 के पास 'गालिब लॉन' में चल रहा है। भूख हड़ताल के कारण जासिम खान की तबीयत बिगड़ी है और उनके ब्लड प्रेशर व शुगर लेवल में गिरावट दर्ज की गई है, हालांकि उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। इस मुहिम को मुस्लिम फेडरेशन ऑफ इंडिया, SIO, DISSC और जामिया मिलिया फ्रेटरनिटी मूवमेंट जैसे संगठनों का समर्थन मिल रहा है।