जामिया यूनिवर्सिटी में छात्र संघ चुनाव का रास्ता साफ, सस्पेंशन नोटिस वापस लिए

जामिया मिलिया इस्लामिया ने छात्र संघ चुनाव के लिए रोडमैप जारी किया और निलंबित छात्रों के नोटिस वापस लिए।

Kittu Kumari26 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
जामिया यूनिवर्सिटी में छात्र संघ चुनाव का रास्ता साफ, सस्पेंशन नोटिस वापस लिए

जामिया मिलिया इस्लामिया (JMI) प्रशासन ने कैंपस में जारी तनाव को खत्म करने और छात्रों की मांगों को मानते हुए एक बड़ा फैसला लिया है। यूनिवर्सिटी ने छात्र संघ चुनाव कराने के लिए आधिकारिक रोडमैप जारी कर दिया है। यह कदम कैंपस में लंबे समय से चल रहे विरोध प्रदर्शनों और 12 अक्टूबर 2026 से शुरू हुए भूख हड़ताल के बाद उठाया गया है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि छात्र संघ के संविधान को औपचारिक मंजूरी मिलने के 15 दिनों के भीतर चुनाव कराए जाएंगे। इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए एक विशेष समिति का गठन किया गया है, जो लिंगदोह समिति के दिशा-निर्देशों और पुराने अदालती आदेशों के आधार पर संविधान का मसौदा तैयार करेगी। इस समिति को अपनी रिपोर्ट 20 दिसंबर 2026 तक जमा करनी है।

छात्रों को मिली बड़ी राहत, लेकिन कुछ मांगें अब भी बरकरार

DelhiBreakings की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel

कैंपस के माहौल को शांत करने के लिए यूनिवर्सिटी ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। आंदोलन के दौरान जिन छात्रों को सस्पेंशन (निलंबन) या शो-कॉज नोटिस जारी किए गए थे, उन्हें अब वापस ले लिया गया है। इसके साथ ही, विरोध प्रदर्शन के दौरान सुरक्षाकर्मियों के व्यवहार की जांच के लिए एक जांच समिति भी बनाई जाएगी।

प्रशासन के इन फैसलों के बाद कई छात्रों ने अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी है, लेकिन कुछ छात्र समूह अब भी संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि चुनाव की समयसीमा अभी भी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने चीफ प्रॉक्टर और सुरक्षा सलाहकार को हटाने की मांग भी दोहराई है। वहीं, यूनिवर्सिटी ने उन छात्रों को सार्वजनिक माफी मांगने के निर्देश दिए हैं जिन्होंने प्रशासन के खिलाफ अपमानजनक सामग्री पोस्ट की थी।

इस पूरे विवाद के दौरान रजिस्ट्रार प्रोफेसर मेहताब आलम रिजवी प्रशासन और छात्रों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे थे। तनाव इतना बढ़ गया था कि 24 अक्टूबर 2026 को सुरक्षा कारणों से यूनिवर्सिटी ने कक्षाओं को ऑनलाइन कर दिया था और लाइब्रेरी व कैंपस गेट्स तक पहुंच सीमित कर दी थी।

इस मामले में बाहरी राजनीतिक हस्तक्षेप भी देखा गया। यूनिवर्सिटी ने कांग्रेस नेताओं इमरान मसूद, इमरान प्रतापगढ़ी और समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिबुल्लाह नादवी के खिलाफ पुलिस शिकायत दर्ज कराई है, क्योंकि उन्होंने बिना अनुमति के कैंपस में प्रवेश किया था।

Share:

Comments

Leave a comment