जामिया कैंपस में नकाबपोशों का तांडव, भारी तोड़फोड़ के बाद राहुल गांधी करेंगे दौरा
जामिया कैंपस में नकाबपोशों ने की तोड़फोड़ और पथराव, भारी सुरक्षा बल तैनात। राहुल गांधी आज करेंगे प्रदर्शनकारी छात्रों से मुलाकात।

देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी जामिया मिलिया इस्लामिया (JMI) में तनाव चरम पर है। मंगलवार रात कैंपस में जमकर बवाल हुआ, जहां नकाबपोश प्रदर्शनकारियों और स्थानीय लोगों ने यूनिवर्सिटी की संपत्ति को निशाना बनाया। इस हिंसा में न केवल पथराव हुआ, बल्कि कैंपस के बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचाया गया। अब इस पूरे मामले के बीच विपक्षी नेता राहुल गांधी आज कैंपस पहुंचकर प्रदर्शनकारी छात्रों से मुलाकात करेंगे।
विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक, हमलावरों ने लोहे की रॉड और हथौड़ों का इस्तेमाल कर गेट नंबर 4C को पूरी तरह उखाड़ फेंका। इतना ही नहीं, कैंपस की सुरक्षा व्यवस्था को ठप करने के लिए सीसीटीवी कंट्रोल रूम और निगरानी उपकरणों को भी नष्ट कर दिया गया। बताया जा रहा है कि जब महिला फैकल्टी सदस्य, वार्डन और प्रोवोस्ट ने इस हिंसा को रोकने की कोशिश की, तो उन्हें डराया-धमकाया गया। प्रशासन का दावा है कि इस हिंसा से पहले बातचीत के सात प्रयास किए गए थे, लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं माने।
छात्रों की मांग और सुरक्षा का घेरा
इस पूरे विवाद की जड़ छात्रों द्वारा की जा रही 15 दिनों की भूख हड़ताल है। छात्र यूनिवर्सिटी प्रशासन से स्टूडेंट यूनियन की बहाली और चुनाव की स्पष्ट तारीखें घोषित करने की मांग कर रहे हैं। हालांकि प्रशासन ने 26 अक्टूबर को कहा था कि यूनियन के गठन की मंजूरी के 15 दिनों बाद चुनाव होंगे, लेकिन छात्रों ने इस नोटिस को अस्पष्ट बताकर खारिज कर दिया है।
हालात की गंभीरता को देखते हुए कैंपस में भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया है। दिल्ली पुलिस के साथ-साथ इंडो-तिब्बतन बॉर्डर पुलिस (ITBP) और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवान मोर्चा संभाले हुए हैं। सुरक्षा के मद्देनजर 27 अक्टूबर को गेट नंबर 7 के बाहर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू कर दी गई थी। वहीं, शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील की है और आश्वासन दिया है कि चुनाव कराने की प्रक्रिया पर काम चल रहा है। यूनिवर्सिटी में 24 अक्टूबर से ही ऑनलाइन क्लासेज शुरू कर दी गई हैं।