जामिया मिल्लिया इस्लामिया और साहित्य अकादमी ने जेंडर नॉलेज सिस्टम पर किया संगोष्ठी का आयोजन

जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI) के सरोजिनी नायडू सेंटर फॉर वीमेंस स्टडीज और साहित्य अकादमी ने मिलकर एक दिन की संगोष्ठी का आयोजन किया। यह कार्यक्रम 24 सितंबर 2026 को एफटीके ऑडिटोरियम में हुआ जिसका शीर्षक जेंडर नॉलेज सिस्टम था। इस कार्यक्रम में 140 से अधिक शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और छात्रों ने हिस्सा लिया ताकि जेंडर और भारतीय ज्ञान प्रणाली के बीच के संबंधों को समझा जा सके। इस कार्यक्रम के बारे में अधिक जानकारी साहित्य अकादमी की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।
कार्यक्रम की शुरुआत और मुख्य भाषण
साहित्य अकादमी की कार्यक्रम अधिकारी मृग नैनी गुप्ता ने ऐतिहासिक रूप से उपेक्षित कहानियों को दर्ज करने की जरूरत पर जोर दिया। जामिया की अकादमिक मामलों की डीन प्रो. तनुजा ने उद्घाटन भाषण दिया जिसमें उन्होंने पारंपरिक सीमाओं से परे जाकर ज्ञान को देखने की वकालत की। इस सत्र की अध्यक्षता प्रो. विजयलक्ष्मी ब्रारा ने की। मुख्य वक्ता और प्रसिद्ध समाजशास्त्री प्रो. मैत्रेयी चौधरी ने ज्ञान निर्माण की आलोचनात्मक समीक्षा की जबकि प्रो. जुबेर मीनाई ने अकादमिक मंचों पर अंतर-विषयक जुड़ाव के महत्व को बताया।
समापन सत्र और मुख्य निष्कर्ष
समापन सत्र के दौरान इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) के रजिस्ट्रार प्रो. जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने प्रतिभागियों से भारतीय महिला लेखिकाओं की रचनाओं को पढ़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि इससे ज्ञान के प्रसार में उनकी भूमिका को बेहतर ढंग से समझा जा सकता है। संगोष्ठी का समापन कार्यक्रम की संयोजक डॉ. अपर्णा दीक्षित द्वारा प्रस्तुत एक व्यापक रिपोर्ट के साथ हुआ।