जामिया मिलिया इस्लामिया में तनाव: प्रदर्शन के बीच अब ऑनलाइन होंगी सभी कक्षाएं
जामिया मिलिया इस्लामिया ने विरोध प्रदर्शनों और भूख हड़ताल के बीच सभी कक्षाएं ऑनलाइन कर दी हैं। जानें कैंपस में क्या है पूरा मामला।

दिल्ली स्थित जामिया मिलिया इस्लामिया (JMI) कैंपस में बढ़ते तनाव और छात्रों के विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए यूनिवर्सिटी प्रशासन ने एक बड़ा फैसला लिया है। सुरक्षा कारणों और शैक्षणिक गतिविधियों को जारी रखने के लिए 24 अक्टूबर 2026 से सभी शैक्षणिक कक्षाओं को ऑनलाइन मोड में शिफ्ट कर दिया गया है। प्रशासन ने सभी डीन, डायरेक्टर, फैकल्टी और छात्रों को निर्देश जारी किए हैं कि वे वर्चुअल शेड्यूल का पालन करें ताकि पढ़ाई में कोई बाधा न आए।
कैंपस में माहौल तब और बिगड़ गया जब पांच छात्र अपनी मांगों को लेकर लगातार 13वें दिन भी भूख हड़ताल पर रहे। प्रदर्शनकारी छात्र जामिया मिलिया इस्लामिया स्टूडेंट्स यूनियन (JMISU) की बहाली और यूनिवर्सिटी के चीफ प्रॉक्टर को हटाने की मांग कर रहे हैं। इस बीच, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। AISA का दावा है कि 24 अक्टूबर को बातचीत के दौरान छात्रों के साथ "क्रूरता" की गई और उन्हें assaulted किया गया।
राजनीतिक एंट्री और पुलिस शिकायत
इस पूरे विवाद में अब राजनीतिक मोड़ भी आ गया है। यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार महताब आलम रज़वी ने दिल्ली पुलिस में एक शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी और इमरान मसूद के कैंपस में प्रवेश करने से वहां का माहौल और अधिक बाधित हुआ। कैंपस के अंदर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा गार्डों के बीच तीखी झड़पें भी देखने को मिली हैं।
वहीं, यूनिवर्सिटी द्वारा गठित एक उच्च स्तरीय समिति (HLC) ने छात्रों से आंदोलन वापस लेने की अपील की थी। समिति का कहना है कि बिना किसी औपचारिक संविधान और चुनावी ढांचे के छात्र संघ चुनाव कराना संभव नहीं है। यूनिवर्सिटी प्रशासन का तर्क है कि 2006 में हिंसा और कक्षाओं में व्यवधान की घटनाओं के बाद छात्र संघ चुनावों को बंद कर दिया गया था। वर्तमान में यहां 'सब्जेक्ट एसोसिएशन' चुनाव होते हैं, जिसमें छात्र गुप्त मतदान के जरिए तीन पदाधिकारियों को चुनते हैं।
HLC ने 12 अक्टूबर 2026 के बाद छात्रों पर की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई की समीक्षा करने और सुरक्षा कर्मचारियों के लिए संवेदनशीलता प्रशिक्षण (sensitivity training) का सुझाव तो दिया, लेकिन चीफ प्रॉक्टर और सुरक्षा सलाहकार को तुरंत हटाने की मांग को खारिज कर दिया है।