जामिया मिलिया इस्लामिया में प्रदर्शन के बीच कक्षाएं हुईं ऑनलाइन, कैंपस की सुविधाएं बंद
स्टूडेंट यूनियन की बहाली की मांग को लेकर जामिया में प्रदर्शन जारी, प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से क्लासेज ऑनलाइन कीं।

जामिया मिलिया इस्लामिया (JMI) कैंपस में तनाव बढ़ता जा रहा है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए सभी कक्षाओं को ऑनलाइन मोड पर शिफ्ट करने का फैसला किया है। इसके साथ ही लाइब्रेरी और कैंटीन जैसी जरूरी सुविधाओं को भी बंद कर दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि प्रदर्शनकारियों और स्टाफ के बीच हुई झड़पों के बाद छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाना जरूरी था।
छात्रों ने बताया प्रशासन की 'चाल', भूख हड़ताल जारी
यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार मोहम्मद महताब आलम रिज़वी ने फैकल्टी को निर्देश दिया है कि अगली सूचना तक सभी क्लासेज ऑनलाइन ही संचालित की जाएं। हालांकि, प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने इस फैसले को एक 'चाल' करार दिया है। उनका आरोप है कि प्रशासन कैंपस को खाली कराने और उनकी मांगों को दबाने के लिए ऐसा कर रहा है।
यह पूरा विवाद जामिया मिलिया इस्लामिया स्टूडेंट्स यूनियन (JMISU) की बहाली को लेकर है, जो 2006 से निष्क्रिय है। इस मांग को लेकर पांच छात्र—एबिन बेसिल, मोहम्मद जासिम खान, रेहान हैदर, रेहान पवार और फैजान अली खान—12 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। रविवार तक यह हड़ताल 14वें दिन में प्रवेश कर चुकी है।
छात्र प्रतिनिधियों और AISA सचिव सौरभ त्रिपाठी का आरोप है कि प्रशासन भ्रष्टाचार और पक्षपात के मुद्दों को नजरअंदाज कर रहा है और प्रदर्शनकारियों को जबरन हटाने की कोशिश कर रहा है। छात्रों ने चीफ प्रॉक्टर और मुख्य सुरक्षा सलाहकार के इस्तीफे की मांग भी की है, क्योंकि उनके मुताबिक सुरक्षाकर्मियों ने प्रदर्शन के दौरान छात्रों के साथ अत्यधिक बल का प्रयोग किया है।
दूसरी ओर, यूनिवर्सिटी प्रशासन का कहना है कि मामले को सुलझाने के लिए 18 अक्टूबर को एक उच्च स्तरीय समिति (HLC) बनाई गई थी, लेकिन बातचीत के तमाम प्रयास अब तक नाकाम रहे हैं। सुरक्षा चिंताओं के चलते यूनिवर्सिटी ने 29 अक्टूबर से 1 नवंबर तक होने वाले 'तालिमी मेला 2026' को भी रद्द कर दिया है। वहीं, कैंपस की दीवारों पर लिखे आपत्तिजनक नारों के विरोध में 1,500 से अधिक स्टाफ सदस्यों ने बैठक की और उन्हें दोबारा पेंट करने का निर्णय लिया है।