जामिया मिल्िया इस्लामिया के गर्ल्स हॉस्टल में तनाव जारी, छात्रों और प्रशासन के बीच आमने-सामने की स्थिति

जामिया मिल्िया इस्लामिया विश्वविद्यालय के जम्मू-कश्मीर गर्ल्स हॉस्टल में छात्रों का विरोध प्रदर्शन शनिवार, 12 सितंबर 2026 को तीसरे दिन में प्रवेश कर गया। मेस के खाने की गुणवत्ता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर यह विवाद चल रहा है। शुक्रवार को छात्रों के यह आरोप लगाने के बाद स्थिति और तनावपूर्ण हो गई कि अधिकारियों ने अपने वादों को पूरा नहीं किया। छात्रों ने बताया कि शुक्रवार को सुबह का नाता नहीं मिला, दोपहर का खाना तीन बजे के बाद दिया गया और मेस क्षेत्र में पुरुष कर्मचारी मौजूद थे। छात्रों का यह भी आरोप है कि खाना प्राप्त करने के लिए उन्हें अपने नाम और मोबाइल नंबर देने पड़े, जिससे उन्हें बदले में कार्रवाई का डर सता रहा है।
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) ने इस प्रदर्शन का खुलकर समर्थन किया है। AISA की जामिया इकाई के सचिव सौरभ ने आरोप लगाया कि प्रोवोस्ट निखत और वार्डन ने खाने की शिकायतों को लेकर छात्रों और उनके माता-पिता को धमकाया है। इसके अलावा, AISA ने दावा किया कि सहायक प्रॉक्टर मकसूद अहमद मलिक ने शुक्रवार को रात करीब एक बजे छात्र कल्याण डीन कार्यालय के पास छात्रों के साथ मारपीट की और एक छात्र का फोन भी छीन लिया।
दूसरी ओर, विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। जामिया मिल्िया इस्लामिया के एक प्रवक्ता ने बयान दिया कि प्रदर्शनकारियों ने गर्ल्स हॉस्टल के दो गेट तोड़ दिए, जिससे वहां रहने वालों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई। प्रशासन का कहना है कि अधिकांश मांगें पहले ही दिन मान ली गई थीं और यह विरोध प्रदर्शन केवल एक मीडिया का तमाशा है।
छात्र वर्तमान मेस वेंडर का ठेका रद्द करने, मेस में महिला कर्मचारियों को नियुक्त करने, प्रोवोस्ट और वार्डन के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। वे यह भी मांग कर रहे हैं कि प्रदर्शन में शामिल होने वाले किसी भी छात्र पर अनुशासनात्मक कार्रवाई न की जाए।