जामिया मिल्िया इस्लामिया में बचपन के आघात पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला संपन्न

जामिया मिल्िया इस्लामिया ने बचपन के आघात से जुड़ी स्ट्रेंथ-बेस्ड अप्रोच और पुनर्वास प्रथाओं पर आधारित तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का 17 सितंबर 2026 को सफलतापूर्वक समापन किया। यह कार्यक्रम 15 सितंबर को शुरू हुआ था और इसे भारतीय पुनर्वास परिषद से आधिकारिक सीआरई दर्जा प्राप्त हुआ था। इस आयोजन को विश्वविद्यालय के कई विभागों ने मिलकर आयोजित किया था।
उद्घाटन सत्र में डॉ. सुनील सैनी ने प्रतिभागियों को संबोधित किया और मुख्य भाषण प्रो. जुबेर मीनाई ने दिया। प्रो. मीनाई ने बताया कि बचपन का आघात शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के रूप में सामने आता है। इस कार्यशाला के समापन सत्र में प्रो. जेसी अब्राहम मुख्य अतिथि थीं और प्रो. तनुजा विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुईं। स्वागत भाषण प्रो. भारती शर्मा ने दिया था।
इस सफल आयोजन के लिए कुलपति प्रो. मजहर आसिफ और कुलसचिव प्रो. मो. महताब आलम रिजवी के नेतृत्व की सराहना की गई। डॉ. एटी बहादुर ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा। मुख्य जनसंपर्क अधिकारी साइमा सईद के अनुसार कार्यशाला ने पुनर्वास प्रथाओं की गहरी पेशेवर समझ को बढ़ावा दिया है। इस आयोजन की रिपोर्ट द टाइम्स ऑफ इंडिया सहित अन्य माध्यमों में प्रकाशित की गई थीं।