जामिया भूख हड़ताल: तबीयत बिगड़ने पर NSUI महासचिव अस्पताल में भर्ती

जामिया मिलिया इस्लामिया (JMI) में छात्र संघ की बहाली की मांग को लेकर चल रही अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल अब गंभीर मोड़ ले चुकी है। प्रदर्शन के नौवें दिन NSUI यूनिट के महासचिव एबिन बेसिल की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। बताया जा रहा है कि एबिन को चक्कर आने और ब्लड शुगर लेवल काफी कम होने की शिकायत थी। हालांकि, डॉक्टरों की सलाह के बावजूद एबिन ने अपना विरोध जारी रखने का संकल्प जताया है।
छात्रों की मांग और प्रशासन की कार्रवाई
यह पूरा विवाद यूनिवर्सिटी में छात्र संघ के चुनाव दोबारा शुरू करने को लेकर है, जो साल 2006 से बंद हैं। छात्रों का कहना है कि लोकतांत्रिक अधिकारों की बहाली के लिए चुनाव जरूरी हैं। यह प्रदर्शन 12 अक्टूबर से शुरू हुआ था, लेकिन यूनिवर्सिटी प्रशासन और छात्रों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। 17 अक्टूबर को छात्रों ने आरोप लगाया कि सुरक्षाकर्मियों और दिल्ली पुलिस ने उन्हें जबरन प्रदर्शन स्थल से हटाया, हालांकि प्रशासन ने इन दावों को खारिज कर दिया है।
इस हंगामे के बीच यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए कई छात्रों पर कार्रवाई की है। एबिन बेसिल को एक साल के लिए रस्टिकेट (निष्कासित) कर दिया गया है, जबकि पीजी छात्र जासिम अली पर छह महीने का कैंपस बैन लगाया गया है और एमए सोशल वर्क के छात्र रिहान हैदर को सस्पेंड कर दिया गया है।
बढ़ते तनाव को देखते हुए कुलपति प्रोफेसर मजहर आसिफ ने 19 अक्टूबर को वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक बुलाई और एक सात सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया। इस समिति का काम प्रदर्शनकारी छात्रों से बात करना, उनकी मांगों की जांच करना और कैंपस में सामान्य स्थिति बहाल करना है।
दूसरी ओर, यूनिवर्सिटी प्रशासन का तर्क है कि कैंपस में हिंसा और व्यवधान के इतिहास को देखते हुए चुनाव बंद करना जरूरी था, जिसका जिक्र 2022 की दिल्ली हाई कोर्ट की कार्यवाही में भी किया गया था। प्रशासन का कहना है कि वर्तमान में विषय-संघों (subject-associations) के जरिए छात्रों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जा रहा है। वहीं, NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने प्रशासन से अपील की है कि इस गतिरोध को खत्म करने के लिए सार्थक बातचीत की जाए।