नई दिल्ली: विदेश मंत्री एस जयशंकर और ऑस्ट्रियाई विदेश मंत्री के बीच अहम बैठक, स्पेस और स्टार्टअप्स पर चर्चा
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ऑस्ट्रियाई विदेश मंत्री के साथ स्पेस, स्टार्टअप और व्यापार जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा कर द्विपक्षीय रिश्तों को मजबूत किया।

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को नई दिल्ली में ऑस्ट्रिया की विदेश मंत्री बेअते मीनल-रेइसिंगर (Beate Meinl-Reisinger) के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाना था। चर्चा के दौरान व्यापार, निवेश, तकनीक, बुनियादी ढांचे और शिक्षा जैसे पारंपरिक क्षेत्रों के साथ-साथ अंतरिक्ष (Space), स्टार्टअप्स और स्किलिंग जैसे आधुनिक क्षेत्रों में सहयोग की नई संभावनाओं को तलाशा गया।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए बताया कि दोनों नेताओं के बीच साझेदारी के विभिन्न पहलुओं पर गहन बातचीत हुई। उन्होंने कहा कि यह चर्चा भारत और ऑस्ट्रिया के बीच के गर्मजोशी भरे और मैत्रीपूर्ण संबंधों को दर्शाती है। बैठक में न केवल द्विपक्षीय मुद्दों पर बात हुई, बल्कि वैश्विक घटनाक्रमों और उनके प्रभावों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया गया।
शांति, सुरक्षा और आर्थिक सहयोग पर जोर
बैठक के दौरान जयशंकर ने दुनिया की वर्तमान जटिल परिस्थितियों का जिक्र करते हुए कहा कि भारत और ऑस्ट्रिया अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने की दिशा में मिलकर काम कर सकते हैं। उन्होंने ऑस्ट्रिया को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) का अस्थायी सदस्य बनने पर बधाई दी और संयुक्त राष्ट्र के ढांचे के भीतर सहयोग जारी रखने की इच्छा जताई।
आर्थिक मोर्चे पर बात करते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच आर्थिक जुड़ाव अच्छी तरह आगे बढ़ रहा है, लेकिन इसमें अभी और विकास की काफी गुंजाइश है। उन्होंने विज्ञान, तकनीक और जलवायु परिवर्तन से जुड़े मुद्दों पर सहयोग को गहरा करने की बात कही। इसके अलावा, जयशंकर ने यूरोपीय संघ (EU) के साथ भारत के बढ़ते संबंधों का उल्लेख किया और उम्मीद जताई कि आने वाले महीनों में भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौता (FTA) जल्द ही लागू होगा।
गौरतलब है कि ऑस्ट्रियाई विदेश मंत्री बेअते मीनल-रेइसिंगर 27 अक्टूबर से 2 नवंबर तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर हैं, जिसके दौरान वे भारतीय नेताओं के साथ द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के लिए मुलाकातें कर रही हैं।