बड़ी खबर: जंतर-मंतर पर हमले की साजिश नाकाम, जैश-ए-मोहम्मद के दो आतंकी गिरफ्तार और सीएम निशाने पर

पश्चिम बंगाल की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने शुक्रवार, 31 जुलाई 2026 को जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के दो कथित गुर्गों हमीम मंडल और अर्पिता सरकार को गिरफ्तार करने की घोषणा की है। 1-2 अगस्त 2026 को सामने आए विवरण के अनुसार, इन दोनों पर नई दिल्ली में जंतर-मंतर पर एक छात्र विरोध प्रदर्शन के दौरान आतंकवादी हमले की साजिश रचने और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी तथा अन्य वरिष्ठ राज्य अधिकारियों को निशाना बनाने का संदेह है। पश्चिम बंगाल STF के पुलिस महानिरीक्षक (IGP) गौरव शर्मा के अनुसार, हमीम मंडल को पश्चिम बंगाल के बर्दवान से पकड़ा गया, जबकि अर्पिता सरकार को झारखंड के साहिबगंज जिले से गिरफ्तार किया गया।
साजिश और पाकिस्तान कनेक्शन
जांचकर्ताओं का आरोप है कि पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन और "शाहरुख भट्टी गैंग" सहित अन्य हैंडलर्स से जुड़े मंडल और सरकार ने NEET पेपर लीक के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन के दौरान जंतर-मंतर पर हमला करने के लिए पुलिस की वर्दी का उपयोग करने की योजना बनाई थी। कॉलेज की पढ़ाई बीच में छोड़ने वाले दूसरे साल के छात्र मंडल को कथित तौर पर मुख्यमंत्री की गतिविधियों पर नजर रखने का काम सौंपा गया था। एक ग्रेजुएट अर्पिता सरकार कथित तौर पर राजनीतिक नेताओं से संवेदनशील जानकारी जुटाने के लिए "हनी ट्रैप" नेटवर्क चलाती थी, जो नेटवर्क सबसे पहले हावड़ा के मंत्री उमेश राय के बेटे को निशाना बनाने वाले एक जबरन वसूली और अपहरण के षड्यंत्र की जांच के दौरान सामने आया था। दोनों संदिग्ध WhatsApp, Instagram, Telegram और X जैसे एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स के नियमित संपर्क में थे और उनकी गिरफ्तारी के दौरान विदेशी सिम कार्ड बरामद किए गए थे।
अदालत की कार्रवाई और पुलिस रिमांड
अपनी गिरफ्तारी के बाद, मंडल और सरकार दोनों को बर्दवान की एक अदालत में पेश किया गया और 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। STF मनी ट्रेल का पता लगाने के लिए मंडल के बैंक खातों की सक्रिय रूप से जांच कर रही है और फोरेंसिक जांच के लिए दोनों आरोपियों से इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इस मामले की संवेदनशीलता पर टिप्पणी की और संभावित अंतरराष्ट्रीय संबंधों को स्वीकार किया। जांच आगे बढ़ने के साथ अधिकारियों ने और अधिक गिरफ्तारियों से इंकार नहीं किया है, और जांचकर्ताओं का मानना है कि कई अन्य व्यक्ति भी जांच के दायरे में हैं।