'धोखेबाज और भ्रामक है चुनाव आयोग': सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे पर जयराम रमेश का बड़ा हमला

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आयोग द्वारा दाखिल हलफनामे को 'भ्रामक और धोखेबाज़' बताते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं।

Kittu Kumari27 October 20262 min read0 viewsNational
'धोखेबाज और भ्रामक है चुनाव आयोग': सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे पर जयराम रमेश का बड़ा हमला

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने सुप्रीम कोर्ट में भारतीय चुनाव आयोग (ECI) द्वारा दाखिल किए गए एक जवाबी हलफनामे पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। रमेश ने चुनाव आयोग के दावों को 'भ्रामक, कपटी और धोखेबाज' करार देते हुए आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक विस्तृत पोस्ट में जयराम रमेश ने छह मुख्य बिंदुओं के जरिए चुनाव आयोग के दावों की धज्जियां उड़ाईं। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग वोटर रजिस्ट्रेशन फॉर्म में अवैध बदलाव कर रहा है और अपनी बातों से बार-बार पलट रहा है।

वोटर लिस्ट और फॉर्म 6 को लेकर गंभीर आरोप

DelhiBreakings की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel

जयराम रमेश ने कहा कि चुनाव आयोग फॉर्म 6 (वोटर रजिस्ट्रेशन फॉर्म) के संबंध में शब्दों का खेल खेल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले आयोग ने दावा किया था कि नया अनिवार्य घोषणा-पत्र फॉर्म 6 का हिस्सा है, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा, लेकिन बाद में कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। अब आयोग कह रहा है कि यह घोषणा-पत्र अलग है और फॉर्म 6 में कोई बदलाव नहीं किया गया। रमेश के मुताबिक, यह सरासर झूठ है क्योंकि ऑनलाइन फॉर्म 6 तब तक जमा नहीं किया जा सकता जब तक कि उस अनिवार्य घोषणा-पत्र को न भरा जाए।

इसके अलावा, उन्होंने अन्य गंभीर मुद्दे भी उठाए:

  • एकतरफा फैसले: रमेश का दावा है कि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) एकतरफा फैसले ले रहे हैं और अन्य दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों को नजरअंदाज किया जा रहा है।
  • ECINET का दुरुपयोग: उन्होंने आरोप लगाया कि ECINET के जरिए मतदाता सूचियों पर नियंत्रण को केंद्रीकृत किया गया है, जिससे वैधानिक अधिकारियों (EROs) की शक्तियों को दरकिनार किया गया है। यह स्थिति गोवा, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड जैसे राज्यों में देखी गई है।
  • IT डिवीजन पर सवाल: कांग्रेस नेता ने कहा कि चुनाव आयोग का आईटी विभाग अपारदर्शी तरीके से काम कर रहा है और अपनी सीमाएं लांघ रहा है, जिसकी शिकायत कैबिनेट सचिव से भी की गई थी।
  • वोटर लिस्ट से नाम हटाना: उन्होंने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया में भारी अनियमितताएं हुई हैं और कई राज्यों में फॉर्म 7 का दुरुपयोग कर बड़े पैमाने पर वोटरों के नाम हटाए गए हैं।

जयराम रमेश ने अपने हमले का समापन करते हुए कहा कि चुनाव आयोग का हलफनामा खुद उसके लिए नुकसानदेह साबित होगा क्योंकि इसमें मीडिया में सामने आए खुलासों का खंडन नहीं किया गया है, जो मुख्य चुनाव आयुक्त द्वारा की गई कानूनी गलतियों की पुष्टि करता है।

Share:

Comments

Leave a comment