मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने चुनाव आयोग की साख और ईमानदारी को किया नष्ट: जयराम रमेश

नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर चुनाव आयोग की साख और विश्वसनीयता को नष्ट करने का गंभीर आरोप लगाया है। यह प्रतिक्रिया द इंडियन एक्सप्रेस की उस रिपोर्ट के बाद आई है जिसमें दावा किया गया था कि दो चुनाव आयुक्तों ने एसआईआर (SIR) प्रक्रिया में गड़बड़ियों पर आपत्ति जताई थी।
- कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंहवी दोपहर 1 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे।
- दो चुनाव आयुक्तों ने एसआईआर प्रक्रिया पर आपत्तियां दर्ज कराई थीं।
- विपक्ष के कई नेताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर सवाल उठाए हैं।
कांग्रेस ने बुलाई प्रेस कॉन्फ्रेंस
बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए वरिष्ठ कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने घोषणा की कि पार्टी सांसद और वरिष्ठ सुप्रीम कोर्ट के वकील अभिषेक मनु सिंहवी दोपहर 1 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करेंगे। अभिषेक मनु सिंहवी मीडिया के सामने इस बात पर विस्तार से चर्चा करेंगे कि किस तरह मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने भारतीय चुनाव आयोग (ECI) की विश्वसनीयता और गरिमा को ठेس पहुंचाई है।
विपक्षी नेताओं की तीखी प्रतिक्रियाएं
एसआईआर प्रक्रिया को लेकर आई मीडिया रिपोर्ट के बाद कई विपक्षी नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है और सवाल खड़े किए हैं। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) सांसद संजय राउत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मांग की कि ज्ञानेश कुमार को निलंबित किया जाना चाहिए और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने सुप्रीम कोर्ट से इस मामले में स्वतः संज्ञान (suo motu cognisance) लेने का आग्रह किया है। अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि यह बेहद गंभीर खबर है कि पिछले 10 महीनों में दो चुनाव आयुक्तों ने आयोग के फैसलों के खिलाफ 14 बार अपनी आपत्तियां दर्ज कराई हैं।