ज Jairam Ramesh ने UCC को लेकर बीजेपी पर साधा निशाना, कहा- राज्यों में थोपने की हो रही कोशिश

नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद Jairam Ramesh ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया है कि बीजेपी राजनीतिक ध्रुवीकरण के लिए राज्यों में अलग-अलग और खंडित समान नागरिक संहिता (UCC) को जबरन थोपने का प्रयास कर रही है। यह बयान महाराष्ट्र में राज्य स्तरीय ड्राफ्टिंग कमेटी से एक सेवानिवृत्त हाई कोर्ट के जज के इस्तीफे के बाद सामने आया है।
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक बयान जारी करते हुए कहा कि एक सेवानिवृत्त हाई कोर्ट के जज ने महाराष्ट्र सरकार द्वारा बनाई गई कमेटी से इस्तीफा देने का साहस दिखाया है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या संविधान सभा या डॉ. बीआर अंबेडकर ने कभी यह कल्पना की थी कि देश के अलग-अलग राज्य अपनी राजनीतिक चालों के तहत अलग-अलग यूसीसी लागू करेंगे। उन्होंने याद दिलाया कि 17 जून 2016 को मोदी सरकार ने इस मुद्दे को विधि आयोग को सौंपा था, जिसने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि इस चरण में यूसीसी न तो आवश्यक है और न ही वांछनीय है।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सरकार ने अपनी राजनीतिक एजेंडे के कारण विधि आयोग की सिफारिशों को नजरअंदाज कर दिया। पिछले कुछ वर्षों में उत्तराखंड, गुजरात, असम और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में यूसीसी बिल लाए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ये राज्य-स्तरीय यूसीसी एक समान नहीं हैं, बल्कि इनमें अलग-अलग प्रावधान और दंड हैं। रमेश ने दावा किया कि यह सुधार का साधन नहीं बल्कि समाज में विभाजन और स्थायी ध्रुवीकरण बनाए रखने का एक राजनीतिक हथियार है।
यह पूरा विवाद महाराष्ट्र सरकार द्वारा यूसीसी तैयार करने के लिए बनाई गई समिति से एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश के इस्तीफे के बाद शुरू हुआ है। इससे पहले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि समिति की रिपोर्ट आने के बाद राज्य में यूसीसी लागू किया जाएगा। वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बयान दिया था कि 2029 से पहले बीजेपी शासित सभी राज्यों में यूसीसी लागू कर दिया जाएगा। उत्तराखंड, गुजरात और असम में यूसीसी से जुड़े विधेयक पहले ही आ चुके हैं।