जंतर मंतर अब विरोध प्रदर्शन की जगह नहीं, जयराम रमेश ने सरकार को घेरा

Kittu Kumari12 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
जंतर मंतर अब विरोध प्रदर्शन की जगह नहीं, जयराम रमेश ने सरकार को घेरा

देश की राजधानी दिल्ली का ऐतिहासिक जंतर मंतर अब विरोध प्रदर्शनों के लिए निर्धारित स्थल नहीं रहा। दिल्ली पुलिस द्वारा इसे डी-नोटिफाई किए जाने के बाद राजनीतिक गलियारों में हंगामा मच गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने इस फैसले की कड़ी आलोचना करते हुए केंद्र सरकार पर लोकतंत्र और असहमति के अधिकार को कुचलने का गंभीर आरोप लगाया है।

जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जंतर मंतर वह जगह थी जहां लोकतंत्र को रोजाना एक 'बूस्टर डोज' मिलता था। उन्होंने तंज कसते हुए लिखा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की जोड़ी इस समय गहरे डर और घबराहट में है, जिसके कारण उन्होंने इस ऐतिहासिक स्थल को प्रदर्शनों के लिए बंद कर दिया है। रमेश ने आगे कहा कि सरकार के लिए अब लोकतंत्र का कोई महत्व नहीं रह गया है, उनके लिए सिर्फ 'डेमोकुर्सी' (कुर्सी) मायने रखती है।

विरोध प्रदर्शन के लिए अब ये तीन विकल्प

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सिर्फ कांग्रेस ही नहीं, बल्कि CJP एक्टिविस्ट अभिजीत डिपके ने भी इस कदम की निंदा की है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की समस्या प्रदर्शन स्थल से नहीं, बल्कि लोगों के विरोध करने के विचार से है। उन्होंने आशंका जताई कि आज जंतर मंतर को हटाया गया है, कल शायद लोकतंत्र को ही डी-नोटिफाई कर दिया जाएगा।

प्रशासनिक जानकारी के मुताबिक, गृह मंत्रालय (MHA) द्वारा गठित एक समिति ने नागरिकों के विरोध प्रदर्शन के अधिकार के लिए वैकल्पिक स्थलों की जांच की थी। इसी समिति की सिफारिशों के आधार पर जंतर मंतर को हटाकर दिल्ली पुलिस ने तीन नए स्थानों को निर्धारित किया है:

  • रामलीला मैदान
  • बुरारी ग्राउंड
  • पूर्वी दिल्ली का CBD ग्राउंड

अब दिल्ली में प्रदर्शनकारियों को अपनी बात रखने के लिए इन्हीं नए निर्धारित स्थलों का उपयोग करना होगा, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जंतर मंतर जैसे केंद्रीय स्थल से प्रदर्शनों को हटाना विरोध की आवाज को कम करने की एक कोशिश हो सकती है।

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