ज्ञानेश कुमार के खिलाफ IYC का हल्लाबोल, जंतर मंतर मार्च के दौरान पुलिस से भिड़े युवा कार्यकर्ता

देश की राजधानी दिल्ली में रविवार को उस समय माहौल गरमा गया जब इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। आईवाईसी ने रायसीना रोड से जंतर मंतर की ओर एक विशाल विरोध मार्च निकाला, जिसमें कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां ले रखी थीं और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस पूरे प्रदर्शन का मकसद ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा सुनिश्चित करना और सरकार द्वारा उन्हें दिए जा रहे कथित संरक्षण का विरोध करना था।
आईवाईसी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब के नेतृत्व में निकले इस मार्च को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने भारी इंतजाम किए थे। रास्ते में जगह-जगह बैरिकेडिंग लगाई गई थी, जिससे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई। उदय भानु चिब ने पुलिस की इस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए जंतर मंतर जाने की अनुमति दी है, लेकिन मोदी और शाह सरकार ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए उन्हें वहां जाने से रोक रही है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर उन्हें रोका गया, तो वे वहीं धरने पर बैठ जाएंगे।
सरकार पर 'चोरी' छिपाने और हिंसा के आरोप
प्रदर्शन के दौरान आईवाईसी नेताओं ने केंद्र सरकार पर कड़े प्रहार किए। उदय भानु चिब ने कहा कि राहुल गांधी पिछले डेढ़ साल से इन कथित चोरियों का पर्दाफाश कर रहे हैं और अब नए सबूत सामने आ रहे हैं, जिससे सरकार घबरा गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं की आवाज दबाने के लिए हिंसा का सहारा लिया जा रहा है, लेकिन सच्चाई सामने आने से कोई नहीं बच पाएगा।
वहीं, आईवाईसी की राष्ट्रीय सचिव रोशनी जायसवाल ने सरकार की रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि ज्ञानेश कुमार को बचाने की हर संभव कोशिश की जा रही है, लेकिन उनका असली ठिकाना तिहाड़ जेल है। लीगल टीम की नेशनल कोऑर्डिनेटर चितवन गोदारा ने जवाबदेही का मुद्दा उठाते हुए कहा कि बीजेपी और उसके समर्थकों को जवाबदेही का मतलब नहीं पता। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक न्याय नहीं मिलता, यह विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा, क्योंकि इस मामले में अन्य महिलाएं भी जुड़ी हुई हैं।