ITO फ्लाईओवर के नीचे बनेगा पब्लिक यूटिलिटी हब, PWD ने तैयार किया प्लान

दिल्ली के व्यस्ततम इलाकों में से एक ITO फ्लाईओवर के नीचे की खाली जगह अब केवल धूल और शोर का केंद्र नहीं रहेगी। दिल्ली लोक निर्माण विभाग (PWD) ने इस बंजर पड़ी जगह को एक आधुनिक 'पब्लिक यूटिलिटी हब' में बदलने की तैयारी कर ली है। ITO flyover underpass redevelopment के जरिए इस क्षेत्र को एक व्यवस्थित और उपयोगी सार्वजनिक स्थान बनाया जाएगा, जिससे न केवल शहर की खूबसूरती बढ़ेगी बल्कि आम जनता को भी कई सुविधाएं मिलेंगी।
PWD की इस योजना के तहत फ्लाईओवर के नीचे के हिस्से में मॉड्यूलर ऑफिस, पार्किंग की बेहतर व्यवस्था, एक कैफेटेरिया और फूड कोर्ट विकसित किया जाएगा। इसके अलावा, यहां अलग-अलग तरह के कियोस्क भी लगाए जाएंगे। विभाग का मकसद इस जगह का अधिकतम उपयोग करना है, ताकि यह क्षेत्र केवल ट्रैफिक का दबाव न झेलें बल्कि एक उपयोगी केंद्र के रूप में उभरे।
सुविधाओं और सुरक्षा पर विशेष जोर
इस प्रोजेक्ट में केवल व्यावसायिक सुविधाओं का ही ध्यान नहीं रखा गया है, बल्कि बुनियादी सुविधाओं को भी प्राथमिकता दी गई है। योजना के अनुसार, यहां सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण किया जाएगा और फेरीवालों के लिए अलग से 'वेंडिंग जोन' बनाए जाएंगे, ताकि सड़क किनारे होने वाली अव्यवस्था और भीड़भाड़ को नियंत्रित किया जा सके।
क्षेत्र को सुंदर और हरा-भरा बनाने के लिए व्यापक लैंडस्केपिंग और वर्टिकल गार्डनिंग की जाएगी। सुरक्षा के लिहाज से पूरे इलाके में सीसीटीवी कैमरों का जाल बिछाया जाएगा, जिससे यहां आने-जाने वाले लोग सुरक्षित महसूस करें।
PWD ने इस पूरे काम को पूरा करने के लिए चार महीने की समयसीमा तय की है। यह पहल दिल्ली के प्रमुख ट्रैफिक बॉटलनैक्स को कम करने की एक बड़ी रणनीति का हिस्सा है। ITO को शहर के सबसे बड़े 'चोक पॉइंट' के रूप में देखा जाता है, इसलिए यहां इंटीग्रेटेड कॉरिडोर रिडेवलपमेंट पर जोर दिया जा रहा है। यह प्रोजेक्ट सरकार की उस व्यापक योजना का हिस्सा है, जिसके तहत पूरे शहर में लगभग 150 किलोमीटर सड़क बुनियादी ढांचे को अपग्रेड किया जा रहा है ताकि शहरी आवाजाही और सार्वजनिक स्थानों का प्रबंधन बेहतर हो सके।