दोहा वर्ल्ड चैंपियनशिप की तैयारी: मनु भाकर, नीरू और हिमांशु समेत दिग्गज निशानेबाज दिल्ली में लगाएंगे कैंप

भारतीय निशानेबाजी के दिग्गजों के लिए अब पसीना बहाने का समय आ गया है। दोहा में होने वाली ISSF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 के लिए भारतीय टीम ने अपनी कमर कस ली है। इस महत्वपूर्ण प्रतियोगिता की तैयारी के लिए दिल्ली के डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में 22 अक्टूबर से एक विशेष तैयारी कैंप की शुरुआत हो रही है। इस कैंप में राइफल, पिस्टल और शॉटगन श्रेणियों के शीर्ष खिलाड़ी हिस्सा लेंगे, ताकि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का परचम लहरा सकें।
यह कैंप केवल अभ्यास के लिए नहीं है, बल्कि यह लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए क्वालीफिकेशन की दिशा में पहला बड़ा कदम है। इस चैंपियनशिप में कुल 36 ओलंपिक कोटा स्थान दिए जाएंगे, जिससे इस तैयारी कैंप की अहमियत और भी बढ़ गई है।
अलग-अलग चरणों में होगी ट्रेनिंग
भारतीय टीम के तैयारी कार्यक्रम को अनुशासन और सटीकता के साथ अलग-अलग चरणों में बांटा गया है। 10 मीटर राइफल और पिस्टल के खिलाड़ी, साथ ही पुरुषों की 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल और स्कीट एथलीट 22 से 29 अक्टूबर तक ट्रेनिंग करेंगे। वहीं, 50 मीटर राइफल और महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल श्रेणी के खिलाड़ी 31 अक्टूबर तक कैंप में रहेंगे। ट्रैप इवेंट के खिलाड़ी 28 अक्टूबर से 4 नवंबर तक अभ्यास करेंगे।
खिलाड़ियों की लिस्ट पर नजर डालें तो 10 मीटर एयर राइफल में पार्थ राकेश माने, हिमांशु ढिल्लों और पार्थ मखीजा जैसे नाम शामिल हैं, जबकि महिलाओं में शंभवी क्षिरसागर और एलावेनिल वालाशिवन नजर आएंगी। 10 मीटर एयर पिस्टल में मनु भाकर, सुरुचि और सैन्यम अपनी तैयारी परखेंगी। वहीं 25 मीटर पिस्टल में ईशा सिंह और मनु भाकर की जोड़ी दिखेगी। ट्रैप इवेंट में नीरू, मनीषा कीर और प्रगति दुबे अपनी सटीकता पर काम करेंगी।
NRAI के हाई परफॉर्मेंस डायरेक्टर डॉ. पियरे ब्यूचैम्प ने इस कैंप के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि उनका लक्ष्य हर एथलीट के लिए स्पष्ट प्रदर्शन बेंचमार्क तय करना है। उन्होंने बताया कि वे इस बात पर करीब से नजर रखेंगे कि खिलाड़ी क्वालीफिकेशन राउंड से फाइनल तक कैसे पहुँचते हैं और पोडियम (पदक) जीतने की उनकी क्षमता कितनी है। यह कैंप खिलाड़ियों को तकनीकी, शारीरिक और मानसिक रूप से तैयार करने के लिए डिजाइन किया गया है ताकि वे दोहा में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकें।