सेमीकंडक्टर हब बनेगा भारत! दिल्ली में जुटेंगे दुनिया भर के टेक दिग्गज, ISIG समिट में होगा मंथन

भारत अब ग्लोबल सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में सिर्फ एक दर्शक नहीं, बल्कि एक बड़े खिलाड़ी के रूप में उभर रहा है। इसी विजन को आगे बढ़ाने के लिए देश की राजधानी दिल्ली में 3 और 4 नवंबर को एक महत्वपूर्ण दो दिवसीय शिखर सम्मेलन आयोजित होने जा रहा है। ISIG Executive Summit Delhi के जरिए दुनिया भर के टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट्स, पॉलिसी मेकर्स और इंडस्ट्री लीडर्स एक मंच पर जुटेंगे, ताकि भारत के घरेलू सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को और मजबूत किया जा सके। यह समिट दिल्ली के होटल द ललित में आयोजित की जाएगी।
इस समिट का मुख्य उद्देश्य सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी सहयोग और सप्लाई चेन की प्राथमिकताओं पर चर्चा करना है। भारत सरकार ने 'इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन' (ISM) जैसी पहलों के जरिए इस क्षेत्र में अपनी महत्वाकांक्षाएं साफ कर दी हैं। ISIG के सीईओ और सह-संस्थापक सलाह नसरी ने इस मौके पर कहा कि भारत अब सेमीकंडक्टर की कहानी का भविष्य नहीं, बल्कि वर्तमान है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत में एडवांस्ड पैकेजिंग और डोमेस्टिक मैन्युफैक्चरिंग को लेकर लिए गए फैसले आने वाले दशक में वैश्विक सप्लाई चेन की दिशा तय करेंगे।
इन दिग्गजों की होगी मौजूदगी और इन मुद्दों पर होगा फोकस
इस हाई-प्रोफाइल इवेंट में सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों के बड़े नाम शामिल होंगे। सरकार की तरफ से इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय (MeitY) के एडिशनल सेक्रेटरी और इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के सीईओ अमितेश कुमार सिन्हा और सेमीकंडक्टर लेबोरेटरी (SCL) के महानिदेशक डॉ. कमलजीत सिंह हिस्सा लेंगे। इसके अलावा मध्य प्रदेश और तमिलनाडु सरकार के वरिष्ठ प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे।
इंडस्ट्री की तरफ से इन्फिनियन, नेक्सपेरिया, मित्सुबिशी इलेक्ट्रिक और навіटास सेमीकंडक्टर जैसी दिग्गज कंपनियों के लीडर्स अपनी राय साझा करेंगे। समिट के एजेंडे में मुख्य रूप से ये विषय शामिल रहेंगे:
- एडवांस्ड पैकेजिंग और OSAT: चिप्स की असेंबली और टेस्टिंग की बारीकियों पर चर्चा।
- पावर इलेक्ट्रॉनिक्स: सिलिकॉन कार्बाइड (SiC) और गैलियम नाइट्राइड (GaN) जैसी वाइड बैंडगैप टेक्नोलॉजीज पर मंथन।
- रणनीतिक विकास: भारत की सेमीकंडक्टर रणनीति और उभरती तकनीकी प्राथमिकताओं का विश्लेषण।
ISIG की जनरल मैनेजर शालू अग्रवाल का मानना है कि भारत के पास टैलेंट, मार्केट और पॉलिसी की रफ्तार है। अब बस जरूरत है टेक्नोलॉजी सहयोग और नीतियों में तालमेल की, जिसे यह समिट पूरा करने की कोशिश करेगा। बता दें कि 2010 में स्थापित ISIG एक ऐसा वैश्विक मंच है जो चिप निर्माताओं, फाउंड्रीज और निवेशकों को एक साथ लाता है।