IPS Deepak Gahlawat को फर्जी दवा रैकेट घूस मामले में दिल्ली कोर्ट से मिली जमानत

फर्जी दवा रैकेट से जुड़े घूस मामले में गिरफ्तार 2012 बैच के हरियाणा कैडर के अधिकारी IPS Deepak Gahlawat को दिल्ली कोर्ट ने शुक्रवार, 1 अगस्त 2026 को लगभग एक महीने की हिरासत के बाद नियमित जमानत दे दी है। गahlawat, जो Directorate of Civil Aviation में Regional Director के रूप में तैनात थे, उन्हें Central Bureau of Investigation (CBI) ने 1 जुलाई 2026 को गिरफ्तार किया था। इस मामले की विस्तृत जानकारी ANI News के माध्यम से सामने आई है।
अदालत का फैसला और CBI के आरोप
Rouse Avenue कोर्ट के Special CBI Judge Sushant Changotra ने जमानत मंजूर करते हुए कहा कि गahlawat से अब आगे हिरासत में पूछताछ की जरूरत नहीं है और उनकी लगातार कैद से जांच के उद्देश्य को कोई फायदा नहीं होगा। अदालत ने यह भी नोट किया कि CBI ने अभी तक charge sheet दाखिल नहीं की है, और जांच काफी हद तक पूरी मानी जा रही है, केवल एक digital device से संबंधित CFSL report आनी बाकी है। CBI का आरोप था कि गahlawat ने N Raja और Raj Kumar के खिलाफ एक criminal case की जांच को प्रभावित करने की साजिश रची और 3 करोड़ रुपये की घूस मांगी, जिसमें से 1 करोड़ रुपये की अग्रिम राशि hawala channels के जरिए मिलने की बात कही गई थी।
बचाव पक्ष के तर्क और जमानत की शर्तें
Gahlawat के वकील, Senior Advocate Manu Sharma, साथ ही Advocates Anurag Nasiar और Arjun Kakkar ने तर्क दिया कि उनके मुवक्किल को झूठा फंसाया गया है, और जांच एजेंसी के पास ऐसा कोई material नहीं है जिससे यह साबित हो कि उन्होंने कोई bribe मांगी या ली हो। अदालत ने 50,000 रुपये के bond और उतनी ही राशि की एक surety के आधार पर गahlawat को रिहा करने का आदेश दिया, जो ongoing investigation में सहयोग करने जैसी कुछ शर्तों के अधीन है।