Central Delhi में इंटरनेट सेवाएं बंद: CJP के विरोध प्रदर्शन के बीच सुरक्षा कड़ी

दिल्ली के सेंट्रल इलाकों, खासकर जंतर-मंतर के आसपास इंटरनेट सेवाओं को सस्पेंड कर दिया गया है। यह कदम ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) द्वारा परीक्षा पेपर लीक और NEET में अनियमितताओं के खिलाफ किए जा रहे प्रदर्शनों के बाद उठाया गया है।
- 20 जुलाई 2026 को सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक इंटरनेट बंद रहा।
- 22 जुलाई से जंतर-मंतर इलाके में 'अगले आदेश तक' इंटरनेट सेवा बाधित है।
- प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
- दिल्ली पुलिस ने 'चलो संसद' मार्च के लिए अनुमति देने से इनकार कर दिया था।
इंटरनेट सस्पेंशन और सुरक्षा व्यवस्था
प्रदर्शनों के दौरान दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिया है। प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े हैं। एयरटेल, रिलायंस जियो और वोडाफोन आइडिया जैसी कंपनियों ने सरकारी आदेश मिलने की पुष्टि की है, हालांकि गृह मंत्रालय या दिल्ली पुलिस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक लिखित आदेश सार्वजनिक नहीं किया गया है।
डिजिटल अधिकार समूहों ने जताया विरोध
इंटरनेट फ्रीडम फाउंडेशन (IFF) और सॉफ्टवेयर फ्रीडम लॉ सेंटर (SFLC) जैसे डिजिटल अधिकार समूहों ने इस कार्रवाई की निंदा की है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों और टेलीकम्युनिकेशन रूल्स, 2024 का उल्लंघन है, जिनमें ऐसे आदेशों के लिए पारदर्शिता और समय-सीमा अनिवार्य है। इंटरनेट बंद होने के कारण मीडिया के लिए प्रदर्शन स्थल की तस्वीरें और जानकारी बाहर भेजना मुश्किल हो गया है।
पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई
दिल्ली पुलिस अब उन चैट संदेशों की जांच कर रही है जिनमें प्रदर्शनकारियों ने इंटरनेट बंद होने पर ब्लूटूथ आधारित ऐप्स का उपयोग करने की बात कही थी। पुलिस डिजिटल फॉरेंसिक, सीसीटीवी फुटेज और ड्रोन कैमरों के जरिए प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर नजर रख रही है। SFLC के डेटा के अनुसार, साल 2026 में अब तक भारत में 24 बार इंटरनेट शटडाउन किया जा चुका है।