नवी मुंबई एयरपोर्ट शिफ्ट होंगे अंतरराष्ट्रीय विमान? अडानी एयरपोर्ट्स CEO ने दिया बड़ा विकल्प
अडानी एयरपोर्ट्स के सीईओ ने बताया कि मुंबई एयरपोर्ट के पुनर्विकास के दौरान अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस को नवी मुंबई शिफ्ट होने या सेवाएं रोकने का विकल्प मिलेगा।

मुंबई एयरपोर्ट के पुनर्विकास (Redevelopment) की तैयारी के बीच अब अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस के सामने एक बड़ा फैसला होगा। अडानी एयरपोर्ट्स के सीईओ अरुण बंसल ने साफ किया है कि जो अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस मुंबई एयरपोर्ट से संचालित हो रही हैं, उनके पास दो विकल्प होंगे। वे या तो अपना कामकाज Navi Mumbai International Airport (NMIA) पर शिफ्ट कर लें या फिर पुनर्विकास के दौरान मुंबई क्षेत्र में अपनी सेवाओं को अस्थायी रूप से निलंबित (Suspend) कर दें।
दिल्ली में आयोजित 'एविएशन इंडिया 2026' के दौरान बंसल ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस के साथ इस बदलाव को लेकर बातचीत चल रही है। उन्होंने यह स्वीकार किया कि जो एयरलाइंस दशकों से एक ही एयरपोर्ट से काम कर रही हैं, वे आमतौर पर जगह बदलने में हिचकिचाती हैं। हालांकि, भारतीय एयरलाइंस जैसे इंडिगो, एयर इंडिया और अकासा एयर, जो मुंबई एयरपोर्ट के अंतरराष्ट्रीय ट्रैफिक का करीब 60-65 प्रतिशत हिस्सा संभालती हैं, पहले ही शिफ्टिंग की व्यवस्थाओं पर सहमत हो चुकी हैं।
टर्मिनल 1 का होगा कायाकल्प, सुरक्षा कारणों से जरूरी है बदलाव
सीईओ अरुण बंसल ने बताया कि मुंबई एयरपोर्ट के टर्मिनल 1 (T1) की हालत काफी पुरानी हो चुकी है। यह टर्मिनल 60 साल से ज्यादा पुराना है, जिसके कारण अब वहां सुरक्षा संबंधी गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं। इसी वजह से इसका पुनर्निर्माण अनिवार्य हो गया है। इस प्रक्रिया के दौरान T1 से संचालित होने वाली एयरलाइंस को टर्मिनल 2 (T2) पर जाना होगा, जिसके चलते T2 की कुछ क्षमता को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ सकता है।
बंसल ने भरोसा जताया कि मुंबई में इतनी यात्री मांग है कि यहां दो एयरपोर्ट्स का संचालन आसानी से हो सकेगा। उन्होंने कहा कि नवी मुंबई एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए सड़क कनेक्टिविटी और प्रस्तावित मेट्रो लिंक इस बदलाव को और आसान बनाएंगे। साथ ही, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन एयरलाइंस ने अस्थायी रूप से अपनी सेवाएं बंद की होंगी, उन्हें पुनर्विकास पूरा होने और क्षमता बढ़ने के बाद उनके पुराने अधिकारों के आधार पर दोबारा संचालन शुरू करने का मौका दिया जाएगा।
अडानी एयरपोर्ट्स अब खुद को सिर्फ एक 'लैंडलॉर्ड' या बुनियादी ढांचा बनाने वाले के तौर पर नहीं, बल्कि यात्री अनुभव को बेहतर बनाने वाले मैनेजर के रूप में देख रहा है। वर्तमान में मुंबई एयरपोर्ट की सालाना यात्री क्षमता 55 मिलियन है, जिसे T1 के पुनर्विकास के बाद बढ़ाकर लगभग 65 मिलियन करने का लक्ष्य है।