सोनीपत में खतरनाक पिटबुल कुत्ते के हमले से सात महीने का बच्चा घायल, हालत अब स्थिर

Kittu Kumari18 September 20262 min read15 viewsNCR
सोनीपत में खतरनाक पिटबुल कुत्ते के हमले से सात महीने का बच्चा घायल, हालत अब स्थिर

सोनीपत की सिक्का कॉलोनी में 14 सितंबर को एक खतरनाक पिटबुल कुत्ते ने सात महीने के मासूम बच्चे पर अचानक हमला कर दिया जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। बच्चे की हालत अब रोहतक के पीजीआईएमएस में स्थिर बताई जा रही है जहां उसका इलाज चल रहा है। हमले के बाद बच्चे को पहले दिल्ली के एक निजी अस्पताल ले जाया गया था और फिर गंभीर चोटों व अधिक खर्च के कारण रोहतक पीजीआईएमएस रेफर किया गया। इस घटना की अधिक जानकारी के लिए ANI News पर पूरी रिपोर्ट देख सकते हैं।

घटना का विवरण और सीसीटीवी फुटेज

सामने आए सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखा कि जब बच्चे की बुआ उसे गोद में लेकर जा रही थी तब कुत्ते ने अचानक छलांग लगा दी और बच्चे को सड़क पर घसीटता रहा जब तक कि वहां मौजूद लोगों ने बीच-बचाव नहीं किया। बचाव के इस संघर्ष के दौरान बच्चे को बचाने की कोशिश में उसकी बुआ को भी चोटें आईं। बच्चे के चेहरे, मुंह और हाथों पर गहरे जख्म आए हैं जिन पर 20 से ज्यादा टांके लगे हैं तथा पेट पर गंभीर चोट के कारण उसकी सर्जरी भी करनी पड़ी।

डॉक्टरों की रिपोर्ट और इलाज

रोहतक पीजीआईएमएस के निदेशक डॉ. एस.के. सिंघल ने बच्चे की सेहत में सुधार की पुष्टि की है जबकि डॉ. कुंदन मित्तल ने बताया कि बच्चा अब स्थिर है, उसे एंटीबायोटिक्स दी जा रही हैं और उसने फीडिंग ट्यूब के जरिए दूध पीना शुरू कर दिया है। चिकित्सकीय देखरेख में उसका लगातार उपचार किया जा रहा है। इस स्वास्थ्य अपडेट से संबंधित अन्य विवरण ANI News National Category पर उपलब्ध हैं।

पिता की मांग और पुलिस की कार्रवाई

बच्चे के पिता कैलाश ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सरकार से पिटबुल नस्ल पर प्रतिबंध लगाने की सार्वजनिक रूप से मांग की है हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि परिवार कुत्ते के मालिक के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं कर रहा है क्योंकि मालिक ने इस मुश्किल समय में उनकी मदद की थी। सोनीपत पुलिस के प्रवक्ता एएसआई रविंदर सिंह ने पुष्टि की है कि परिवार की ओर से अभी तक कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है लेकिन शिकायत मिलने पर पुलिस मामला दर्ज करने के लिए तैयार है। हरियाणा में पिटबुल पर कोई राज्यव्यापी प्रतिबंध नहीं है लेकिन स्थानीय निकाय अपने नियमों के अनुसार फैसले लेते हैं उदाहरण के लिए पंचकूला में पिटबुल और रॉटवाइलर पर प्रतिबंध है जबकि गुरुग्राम में ऐसे नस्लों का पंजीकरण और उन्हें मून लगाना अनिवार्य किया गया है।

DelhiBreakings की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel
Share:

Comments

Leave a comment