इंद्रप्रस्थ साहित्य भारती ने लॉन्च किया साहित्य परिक्रमा का नया अंक और नई कार्यकारिणी की घोषणा की

नई दिल्ली में 25 अगस्त को इंद्रप्रस्थ साहित्य भारती द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में 'साहित्य परिक्रमा' पत्रिका के नए अंक का आधिकारिक अनावरण किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान 'विभाजन की विभीषािका' नाटक का मंचन हुआ और संगठन की नई कार्यकारिणी की घोषणा भी की गई। इस कार्यक्रम में अखिल भारतीय साहित्य परिषद के अध्यक्ष सुशील चंद्र त्रिवेदी ने सदस्यों से साहित्यिक दुनिया में भारतीय विचार को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। अखिल भारतीय साहित्य परिषद के महासचिव पवनपुत्र बादल ने कहा कि नया 'साहित्य परिक्रमा' अंक भारतीय परंपराओं को आधुनिक संदर्भ से जोड़ता है।
नई कार्यकारिणी के पदाधिकारियों के नाम
सुशील चंद्र त्रिवेदी ने नई इंद्रप्रस्थ साहित्य भारती कार्यकारी समिति की घोषणा की। इन नियुक्तियों में रामशरण गौर को संरक्षक, विनोद बब्बर को अध्यक्ष, पूनम माटिया को उपाध्यक्ष, मनोज शर्मा को महासचिव और मुन्ना रजक को कोषाध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा ममता वालिया को 'साहित्य परिक्रमा' का प्रमुख, मल्कन सिंह को लोक साहित्य प्रमुख, राकेश कुमार को बाल साहित्य प्रमुख, सारिका कालरा को युवा आयाम प्रमुख, दिनेश वत्स को प्रचार प्रमुख और जगदीश सिंह व सुनीता बुग्गा को सदस्य बनाया गया है।
दिल्ली के दस केंद्रों के लिए समन्वयकों की घोषणा
अध्यक्ष विनोद बब्बर ने दिल्ली के दस केंद्रों में साहित्यिक गतिविधियों का प्रबंधन करने के लिए समन्वयकों और सह-समन्वयकों के नामों की घोषणा की। उन्होंने सभी अधिकारियों को अपनी शुभकामनाएं दीं और उनसे पूरी निष्ठा के साथ साहित्य और समाज की सेवा करने की अपील की। औपचारिक कार्यवाही के बाद अदिति महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने 'विभाजन की विभीषिका' नाटक का मंचन किया। यह प्रस्तुति भारत के विभाजन की त्रासदी को दर्शाती है जिसमें विस्थापन और शरणार्थियों के दर्द को भावनात्मक रूप से दिखाया गया।