पुराना किला में इंद्रप्रस्थ नृत्य महोत्सव का समापन, शास्त्रीय नृत्यों ने बांधा समां

Kittu Kumari7 October 20262 min read0 viewsDelhi Local
पुराना किला में इंद्रप्रस्थ नृत्य महोत्सव का समापन, शास्त्रीय नृत्यों ने बांधा समां

दिल्ली की ऐतिहासिक विरासत और कला के संगम को दर्शाते हुए इंद्रप्रस्थ नृत्य महोत्सव का दूसरा संस्करण पुराना किला में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। दिल्ली पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित यह तीन दिवसीय उत्सव 2 अक्टूबर से 4 अक्टूबर तक चला, जिसका मुख्य उद्देश्य 'विकास भी, विरासत भी' के मंत्र को साकार करना था। इस महोत्सव की सबसे खास बात यह रही कि आम जनता के लिए प्रवेश पूरी तरह निशुल्क रखा गया, ताकि लोग भारतीय शास्त्रीय नृत्य की विविधता का आनंद ले सकें।

इस भव्य आयोजन की शुरुआत 2 अक्टूबर को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने की। महोत्सव के दौरान दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा ने बताया कि पुराना किला को इस आयोजन के लिए इसलिए चुना गया ताकि शहर के गहरे ऐतिहासिक और कलात्मक संबंधों को दुनिया के सामने लाया जा सके। इस उत्सव में भारत और विदेशों के 150 से अधिक कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया, जिसमें कुचिपुड़ी, ओडिसी, भरतनाट्यम, कथक, सत्त्रिया, मोहिनीअट्टम, कथकली और मणिपुरी जैसे शास्त्रीय नृत्य शामिल थे।

दिग्गज कलाकारों की प्रस्तुतियां और सांस्कृतिक संगम

DelhiBreakings की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel

महोत्सव के मंच पर कई प्रतिष्ठित संस्थानों और कलाकारों ने अपनी छाप छोड़ी। नाट्य तरंगिणी के छात्रों ने कुचिपुड़ी की शानदार प्रस्तुति दी, जबकि रामली इब्राहिम के नेतृत्व में सूत्र फाउंडेशन ने 'फ्रेग्रेंट ओडिसी' पेश किया। कलाक्षेत्र फाउंडेशन द्वारा प्रस्तुत भरतनाट्यम नाटक 'गंगाधर' ने भगवान शिव के प्रतीकों को खूबसूरती से उकेरा। इसके अलावा नृत्यग्राम की ओडिसी और दिल्ली के 'ध्वनि' समूह द्वारा प्रस्तुत कथक ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस आयोजन में पद्म पुरस्कार विजेता राजा राधा रेड्डी और रामली इब्राहिम सहित संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार प्राप्त शमा भाटे, वैभव अरेकर, गुरु वासवती मिश्रा, गुरु अनीता शर्मा, गुरु पल्लवी कृष्णन और गुरु लतसना देवी जैसे दिग्गजों ने शिरकत की। साथ ही उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार विजेताओं पार्श्वनाथ उपाध्याय और आदित्य पी.वी. ने भी अपनी प्रतिभा दिखाई। एक विशेष आकर्षण पुरुष भरतनाट्यम कलाकारों का समूह रहा, जिन्होंने 'शिव' शीर्षक के साथ एक अनूठी प्रस्तुति दी।

उत्सव का समापन एक शानदार लाइट एंड साउंड शो के साथ हुआ, जिसमें इंद्रप्रस्थ के गौरवशाली इतिहास और यमुना नदी के महत्व को दर्शाया गया। प्रशासन ने इस बात पर जोर दिया है कि भविष्य में भी इस तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का नियमित आयोजन किया जाएगा ताकि शहर की विरासत को सहेजा जा सके।

Share:

Comments

Leave a comment