दिल्ली-पुणे इंडिगो फ्लाइट में इमरजेंसी एग्जिट का अलार्म बजाया, यात्री पर केस दर्ज
दिल्ली से पुणे जा रही इंडिगो फ्लाइट में एक यात्री ने इमरजेंसी एग्जिट लीवर को छुआ, जिससे अलार्म बज गया और यात्रियों में हड़कंप मच गया।

हवा में उड़ते विमान के अंदर जब अचानक इमरजेंसी अलार्म बजने लगे, तो यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। यह पूरी घटना दिल्ली से पुणे जा रही इंडिगो की फ्लाइट 6E6884 में हुई, जहां एक यात्री की 'जिज्ञासा' ने उसे कानूनी मुसीबत में डाल दिया है। अधिकारियों ने इस मामले में यात्री के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
जानकारी के मुताबिक, सोमवार 2 नवंबर 2026 को यह फ्लाइट दिल्ली से पुणे के लिए रवाना हुई थी। विमान में सीट नंबर 19D पर बैठे 33 वर्षीय यात्री गौरव सत्येंद्र रौतेला के पास ही इमरजेंसी एग्जिट डोर था। उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद गौरव ने इमरजेंसी एग्जिट डोर के लीवर कवर के साथ छेड़छाड़ की, जिससे विमान के अंदर लगा सुरक्षा अलार्म गूंज उठा। अलार्म बजते ही सह-यात्रियों में डर का माहौल बन गया और लोग घबरा गए।
विमान के चालक दल के सदस्य ओमकार विनोद कुलकर्णी ने इस घटना की शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। फ्लाइट करीब रात 2:00 बजे पुणे एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंड हुई। जब पुलिस ने गौरव से पूछताछ की, तो उसने अपना बचाव करते हुए कहा कि उसने केवल जिज्ञासावश लीवर कवर को छुआ था और उसे अंदाजा नहीं था कि यह इमरजेंसी डोर मैकेनिज्म से जुड़ा हुआ है।
सुरक्षा नियमों की अनदेखी पर पुलिस की सख्त कार्रवाई
भले ही यात्री ने इसे महज एक गलती बताया हो, लेकिन पुलिस और एयरलाइन अधिकारियों ने इसे बेहद गंभीर मामला माना है। पुणे एयरपोर्ट पुलिस स्टेशन के सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर गोविंद पवार ने बताया कि विमान की सुरक्षा प्रणालियों के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ जानलेवा साबित हो सकती है।
पुलिस ने गौरव रौतेला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 125, जो मानव जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने वाले लापरवाही भरे कार्यों से संबंधित है, और एयरक्राफ्ट एक्ट की धारा 25 के तहत मामला दर्ज किया है। इसके अलावा, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 35(3) के तहत उसे नोटिस भी जारी किया गया है। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है।